जनगणना कार्य की सुस्त रफ्तार पर डीआरडीए निदेशक ने जताई नाराजगी, रजौन में पर्यवेक्षकों के साथ की समीक्षा बैठक

जनगणना कार्य की सुस्त रफ्तार पर डीआरडीए निदेशक ने जताई नाराजगी, रजौन में पर्यवेक्षकों के साथ की समीक्षा बैठक


​रजौन, बांका : भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण की कार्य प्रगति की समीक्षा करने के लिए शनिवार को डीआरडीए निदेशक श्रीनिवास कुमार रजौन प्रखंड मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आईटी भवन स्थित सभागार परिसर में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने ईबी सुपरवाइजरों और प्रगणकों के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान कार्यों की धीमी गति पर गहरा खेद प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि प्रखंड के कई प्रगणकों द्वारा अब तक कार्य की प्रगति शून्य है, जो बेहद चिंताजनक है। डीआरडीए निदेशक ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि प्रखंड के कुल लक्ष्य करीब 53,000 घरों में से अब तक मात्र 3,000 घरों की ही गणना पूरी की जा सकी है। उन्होंने उपस्थित पर्यवेक्षकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे प्रगणकों के कार्यों पर विशेष नजर रखें और निर्धारित समय सीमा यानी 30 मई के भीतर कार्य में तेजी लाकर लक्ष्य प्राप्त करें। इस बैठक में मुख्य रूप से बीडीओ अंतिमा कुमारी, बीएसओ तारकेश्वर रजक, बीसीईओ सह बीईओ सोयम चक्रपाणि कनिष्क, मनरेगा पीओ धर्मेंद्र कुमार, सीडीपीओ चंचला कुमारी और एमओ राजबाला सिंह के अलावे प्रखंड कृषि कोऑर्डिनेटर संजय कुमार सिंह, शशि भूषण, रंजन कुमार, उद्यान पदाधिकारी पंकज कुमार, स्वच्छता समन्वयक सुभाष कुमार सिंह, मास्टर ट्रेनर जयशंकर प्रसाद विद्यार्थी, श्रीकांत कुमार और कौशल किशोर सहित अन्य उपस्थित थे। मालूम हो कि रजौन प्रखंड में जनगणना कार्य को संपन्न कराने के लिए 18 नोडल पदाधिकारी, 382 प्रगणक और 64 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है, जबकि 73 प्रगणकों और 11 पर्यवेक्षकों को रिजर्व रखा गया है।

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