रजौन,बांका :- आषाढ़ पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर बुधवार को रजौन क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। एक ओर जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने परम पवित्र भगवा ध्वज को गुरु मानकर गुरु पूर्णिमा उत्सव को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया, वहीं दूसरी ओर रजौन थाना मार्ग स्थित राजवनेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण के वेद माता गायत्री मंदिर सह गायत्री चेतना केंद्र में गुरु सत्ता के सूक्ष्म संरक्षण में विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन विधिवत संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री परिवार के वरिष्ठ सदस्य बद्री सिंह वानप्रस्थी एवं प्रखंड उप प्रतिनिधि रंजीत कुमार रंजन द्वारा पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कराकर किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक जप-ध्यान, गुरु पूजन, गुरु गीता पाठ और सामूहिक हवन-यज्ञ सहित कई धार्मिक व संस्कारिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसके उपरांत सभी के बीच प्रसादी एवं महाप्रसादी का वितरण किया गया। अवसर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए गायत्री परिवार के पूर्व प्रखंड समन्वयक डॉ. प्रताप नारायण सिंह ने बताया कि आषाढ़ पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास के जन्मदिवस (व्यास पूर्णिमा) के रूप में, गुरु के प्रति आभार और सम्मान प्रकट करने के लिए और आध्यात्मिक साधना की शुरुआत के लिए बेहद खास माना गया है। इस पावन तिथि को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर सच्चिदानंद मंडल, प्रो. जयकुमार राणा, प्रो. जीवन प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, हृदय नारायण सिंह, देवेंद्र कुमार सिंह, दिलीप कुमार चौधरी, विजय प्रसाद साह, उदय चंद्र झा, अरुण मंडल, प्रदीप कुमार मंडल उर्फ यद्दु, गुरुचरण दास, श्रेयांश कश्यप, बबिता देवी, छाया सिंह, नंदा कुमारी, रीना देवी, लवली रंजन, सरिता कुमारी, रेणु कुमारी, गीता देवी और जयमाला देवी सहित दर्जनों महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
रिपोर्ट :-केआर राव