चनपटिया। 30 अगस्त को गणेश प्रसाद हाई स्कूल परिसर में आयोजित रोजगार मेले को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पूर्व विधायक उमाकांत सिंह ने रोजगार के आंकड़ों और नौकरी के नाम पर कथित वसूली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पहले करीब 10 हजार युवाओं को रोजगार देने का दावा किया गया, जबकि विधायक के बयान में 3 से 4 हजार रोजगार की बात कही गई है। उन्होंने वास्तविक आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग की।
पूर्व विधायक ने कुछ युवाओं से Lenovo में नौकरी के नाम पर 1,350 रुपये, जबकि अन्य युवाओं से एक से दो हजार रुपये मांगे जाने के आरोपों का भी उल्लेख किया।
वहीं, विधायक अभिषेक रंजन के पक्ष के अनुसार रोजगार मेले में सभी कंपनियों, पदों और योग्यता की जानकारी सार्वजनिक की गई थी। उनका कहना है कि गेट खुलने के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा कुछ अभ्यर्थियों के बायोडाटा लिए जाने की शिकायत मिली, जिसके बाद Lenovo, Air India और Bajaj जैसी कंपनियों के नाम पर युवाओं से पैसे मांगे जाने की शिकायत सामने आई। तीन युवाओं द्वारा आसमा खातून के नाम पर राशि ट्रांसफर किए जाने की जानकारी भी दी गई है। एक मामले में ऑनलाइन साइबर शिकायत का Acknowledgement No. 30509260106944 बताया गया है।
दोनों पक्षों ने मामले की जांच की मांग की है। ऐसे में रोजगार मेले में वास्तव में कितने युवाओं को रोजगार मिला, अभ्यर्थियों का डेटा किसने लिया और नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वाला कौन था, इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।