बीज वितरण में बरती जाय पारदर्शिता: सचिव


बेतिया । कृषि योजनाओं का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कर किसानों को लाभ पहुंचाने का निदेश। बीज वितरण में पारदर्शिता बरतते हुए वास्तवित किसानों को ही इसका लाभ दिया जाय। बीज का वितरण प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन में ही किया जायेगा ताकि किसानों को परेशानी नहीं हो। बीज का वितरण कैंप में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाय तथा इसका फ्लेक्सी-बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाय। डाॅ0 एन. सरवण कुमार, सचिव, कृषि विभाग, बिहार ने कहा कि अच्छी गुणवता वाली बीज का वितरण करने से उत्पादकता में बढ़ोतरी होगी तथा किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बीज वितरण में किसी भी स्तर पर कोताही या अनियमितता पायी जाती है तो संबंधित पदाधिकारी/कर्मी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। वे समाहरणालय सभागार में आयोजित कृषि पदाधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि डीबीटी रजिस्टेªशन कार्य अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। कृषि संबंधित सभी योजनाओं का लाभ लेने हेतु डीबीटी रजिस्टेªशन करवाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निदेश दिया कि ज्यादा से ज्यादा किसानों का डीबीटी रजिस्टेªशन कराया जाय ताकि वे सरकार द्वारा क्रियान्वित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कृषि समन्वयकों को हिदायत देते हुए कहा इस महत्वपूर्ण कार्य को अपने स्तर से शीघ्रताशीघ्र पूरा कराये। सचिव महोदय द्वारा केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का बारी-बारी से समीक्षा किया गया। समीक्षा के क्रम में उन्होंने कहा कि कृषि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा वास्तवित किसान उठायें यहीं कृषि विभाग का लक्ष्य है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने ड्रिप इरिगेशन पद्धति के बारे में विस्तारपूर्वक कृषि पदाधिकारियों को जानकारी दिया। उन्होंने कहा कि ड्रिप इरिगेशन पद्धति बहुत ही कारगर पद्धति है सिंचाई की। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्रति बूंद अधिक फसल के लिए ड्रिप सिंचाई के लिए 90 प्रतिशत एवं स्प्रींकलर सिंचाई हेतु निर्धारित मूल्य का 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। सचिव महोदय द्वारा किसानों को रबी महोत्सव, किसान चैपाल आदि के माध्यम से जिले में क्रियान्वित विभिन्न कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी देने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि जो भी किसान अच्छे से तरीके से कार्य करेंगे उन्हें सम्मानित भी किया जायेगा। जिलाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे ने सचिव महोदय को आश्वस्त किया गया कि उनके द्वारा दिये गये निदेशों का अनुपालन शीघ्रताशीघ्र कर दिया जायेगा। उन्होंने कृषि पदाधिकारियों की हौसला आफजाई करते हुए कहा कि सचिव महोदय के निदेश के आलोक में पश्चिम चम्पारण जिले को सूबे में प्रथम स्थान पर लाना है, इसके लिए सभी कृषि पदाधिकारी/कर्मी एक अभियान के तहत समन्वय स्थापित कर कार्य करें। इस समीक्षात्मक बैठक में सचिव, कृषि विभाग, डाॅ0 एन. सरवण कुमार, जिलाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे, जिला कृषि पदाधिकारी, श्री विजय प्रकाश सहित संबंधित कृषि पदाधिकारी शामिल हुए।

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