अमर शहीद ,ब्रिगेडियर उस्मान अली की 72 वी शहादत दिवस पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि!

अमर शहीद ,ब्रिगेडियर उस्मान अली की 72 वी शहादत दिवस पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि!



(शहाबुद्दीन अहमद )
बेतिया । अमर शहीद स्वतंत्र भारत के प्रथम सैन्य अधिकारी ,ब्रिगेडियर उस्मान अली की 72 वी शहादत दिवस पर, सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन के सचिव सह ब्रांड एंबेसडर स्वच्छ भारत मिशन डॉ0 एजाज अहमद (अधिवक्ता) ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज ही के दिन आज से 72 वर्ष पूर्व 03 जुलाई 1948 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए मां भारती के सपूत ,ब्रिगेडियर उस्मान अली वीरगति को प्राप्त होने वाले पहले भारतीय हैं !जब कभी भी विश्व में उत्तम सैनिकों का जिक्र होता है तोभारतीय सेनाओं का उल्लेख प्रथम वरीयता क्रम में होता है! स्वतंत्र भारत में भारतीय फौज को यह रुतबा हासिल हुआ अपने जानिसार बहादुर और पराक्रमी सैनिकों के बदौलत!  उन्होंने मातृभूमि की रक्षा एवं अपने कर्तव्य को इबादत समझा !ब्रिगेडियर उस्मान अली का जन्म 15 जुलाई 1912 को मऊ उत्तर प्रदेश में हुआ था !उनका सारा जीवन मातृभूमि के लिए समर्पित रहा! वतन परस्ती की ऐसी मिसाल की देश के बंटवारे के समय पाकिस्तानी सेना के प्रधान बनने का मोहम्मद अली जिन्ना का प्रस्ताव ब्रिगेडियर उस्मान ने ठुकरा दिया था!   मोहम्मद उस्मान अली पहले भारतीय हैं जिनके ऊपर दुश्मन( पाकिस्तान )ने ₹50 हजार का इनाम रखा था! कश्मीर में मातृभूमि की रक्षा करते हुए दुश्मन के एक हमले में ब्रिगेडियर उस्मान अली आज ही के दिन 3 जुलाई 1948 को लगभग शाम 5:45 बजे शहीद हुए थे! उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में जामिया मिलिया इस्लामिया के ऐतिहासिक कब्रिस्तान में हुआ था !तत्कालीन शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद ने नमाजे जनाजा पढ़ाया था! इस अवसर पर भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी समेत देश के सारे गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे! इस अवसर पर वरिष्ठ पर्यावरणविद सह सामाजिक कार्यकर्ता अमित कुमार लोहिया, पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन एवं बिहार विश्वविद्यालय के डॉ0 शाहनवाज अली ने कहा कि शहीदों एवं सैनिकों के सम्मान में बेतिया पश्चिम चंपारण में राष्ट्रीय युद्ध संग्रहालय स्मारक का निर्माण कराया जाए ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास को जान सके ! यही होगी सरकार द्वारा सच्ची श्रद्धांजलि।