आखिर क्या है सच सरकारी दावों का इस बात का अंदाजा
कहने के लिए बेतिया की सबसे बड़ी मंडी मिना बाजार के व्यवसायियो की बातों को अगर सच माने तो सरकारी अधिकारियों के दावे सिर्फ लूट खसोट ही साबित होते है व्यवसायियो ने आरोप लगाया कि दिन रात लोगो की सेवा में लगे अधिकारी और नेता या नगर परिषद के किसी अधिकारी का ध्यान क्यों नही गया कि मीना बाजार को भी क्रोना से बचाव की जरूरत है कही ऐसा तो नही की सेनेटाइजिंग के दावे सिर्फ फोटो या बड़े अधिकारियो नेताओ और व्यवसायियो तक ही सीमित रहे हो और लूट खसोट का कारण बने हो।
लोगो का यह मानना है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी अगर सच मे नगर में ब्यापक पैमाने पर छिड़काव और सेनेटाइजिंग करवाते तो यह कतई संभव नही है कि मीणा बाज़ार जैसी जगह किसी केनजर मे नही आती । यह हर हाल में अधिकारियों की अव्यवस्था का नजराना है जिसे मिना बाज़ार के व्यवसायी को झेलना है परंतु मिना बाज़ार के व्यवसायी मिल जुलकर इस महामारी से बचने के लिए मिना बाजार शिव मंदिर कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा जिसमे मुख्य रूप से कृष्ण प्रसाद अजय कुमार दिनेश बरनवाल रमेश कुमार संजीव जी ने मिल जुलकर सेनेटाइजिंग और ब्लीचिंग छिड़काव का काम कर रहे।

