(चम्पारण नीति /आदित्य दुबे)
बेतिया। समाहरणालय सभाकक्ष में राष्ट्रीय प्रेस दिवस का आयोजन उप विकास आयुक्त, रवीन्द्र नाथ प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर जिले के प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के प्रतिनिधि शामिल हुए।
समाहरणालय सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त, पश्चिम चम्पारण, बेतिया ने कहा कि 16 नवंबर को ही भारतीय प्रेस परिषद ने काम करना शुरू किया था। यह परिषद एक निगरानी संस्था है जो यह सुनिश्चित करती है कि प्रेस उच्च मानकों को बनाए रखें और किसी प्रभाव एवं धमकी के आगे नहीं झूके। भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना दिवस को ही प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रेस दिवस के रूप में मनाया जाता है। उप विकास आयुक्त द्वारा स्वलिखित पुस्तक जीवन एक दर्पण को जिले के वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन झा को भेंट की गयी।
उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता का क्षेत्र व्यापक हो गया है। तथ्यपरकता, यथार्थवादिता, संतुलन एवं वस्तुनिष्ठता इसके आधारभूत तत्व हैं। किसी भी खबर को लिखने से पहले इन सारी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रेस की स्वतंत्रता एवं जिम्मेदारियों की ओर भी हमारा ध्यान आकृष्ट करता है। परिचर्चा के दौरान कुछेक मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा कुछ मुद्दे उठाये गये। इस पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि आपके द्वारा उठये गये मुद्दों को जिलाधिकारी महोदय के समक्ष रखा जायेगा तथा उसका शीघ्र निराकरण कराया जायेगा।
अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, रामनिरंजन सिंह ने कहा कि पत्रकार बंधुओं के प्रयास से ही कोविड-19 आपदा से पश्चिम चम्पारण जिला उबरा है। आपके माध्यम से ही कोराना महामारी के दौरान प्रत्येक लोगों के बीच बचाव हेतु महत्वपूर्ण जानकारियां पहुंचायी गयी है। सकारात्मक और नकारात्मक कुछ नहीं है, सब विचारधारा है, जिसे आप प्रकट करते है।
वरीय उप समाहर्ता, सुजीत वर्णवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आप सभी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, चिकित्सीय अधिकारी के साथ एक कोरोना योद्धा की तरह कार्य किये हैं, जो अत्यंत ही सराहनीय है।
वरिष्ठ पत्रकार अजय मिश्र ने परिचर्चा में कहा कि जिले के मीडिया प्रतिनिधि कोरोना महामारी के दौरान पूरी सावधानी बरतते हुए जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर लड़े हैं। वहीं वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन झा ने कहा कि कोविड-19 से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किये गये निदेशों का अक्षरशः पालन सभी करें, चाहे वे अधिकारी हों, पुलिस पदाधिकारी हों, पुलिस कर्मी हों या फिर मीडिया प्रतिनिधि। सभी मास्क का प्रयोग करें, सोशल डिस्टेंस बनाये रखें तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
मृत्युंजय दूबे ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कुछेक मीडिया प्रतिनिधियों पर एफआईआर दर्ज करायी गयी है। जिला प्रशासन इसकी जांच अपने स्तर से करें तथा मीडिया प्रतिनिधि अगर दोषी पाये जाते हैं तो उनपर कार्रवाई की जाय, अगर वे निर्दोश पाये जाते हैं तो उनपर दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाय।
इसी तरह अन्य मीडिया प्रतिनिधियों आदित्य कुमार दुबे , म0 शकील अहमद, म0 अनिसुल वरा,आसिश कुमार, धनंजय द्विवेदी ने भी अपने-अपने विचार रखें।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच, रामनिरंजन सिंह, अपर अनुमंडल पदाधिकारी, बेतिया, अनिल राय , वरीय उप समाहर्ता, सुजीत वर्णवाल, प्रभाष कुमार, किशोर साह एवं मनोज कुमार सहित प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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