मंगलमय नव वर्ष आपका,खुशियाँ लाये हजार।
यहीं शुभकामना हमारी,सुखी रहे परिवार।।
अभिनन्दन हो आया नुतन,वर्ष बीस सौ एक।
पूर्ण करेंगे सिन्धु सूता पति,अभिलाषायें अनेक।।
नव प्रभात नमोमणि निकला, जग में हुआ प्रकाश।
रैन गयी चहके खगतरूवर,बांटे पुहुत सुबास।।
विहन हरें सब शैल सूता सुत ,रक्षा कृपा निधान।
अरिमर्दन हो विजय प्राप्त हो रहे अधर मुस्कान।।
पौष मास रजनी विरज,हिम हिय लागे समीर।
पुनि -पुनि कियो प्रहार दिवा-निशि, ऋतु हेमन्त बेपीर।।
सीतल नीर अनिल रिपु, पावक सों लगी प्रीति।
हित मित का जानि कुशल,मन अति होहिं प्रीणित।।
शनैः शनैः जाय हेमन्त, आये शिध्र ऋतुराज।
बोले कीर कपिंजल कोकिल, और गुंजे मधुराज।।
इन्ही शुभकामनाओं के साथ ----
रामानन्द शुक्ल,लेखक ,(दं घोघा,पं चम्पारण, बिहार )


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