प्रिय आओ नव वर्षतुम्हारा अभिनंदन है।कैसा हो आगामी कलहृदय में स्पंदन है ।विगत वर्ष तो स्वास्थ्य, प्रगति सेहै कमजोर रहा।क्या-क्या दुख पीड़ा झेली हैक्या-क्या नहीं सहा ।भूख,गरीबी,लाचारी कातांडव क्रंदन है ।प्रिय आओ नव वर्षतुम्हारा अभिनंदन है।।खुशियों के उपहार अनूठेसँग में अपने लाना ।स्वास्थ्य और शिक्षा विकास कीधारा सतत बहाना ।हों अभाव सब दूर जगत सेविनत भाव से बंदन है ।प्रिय आओ नव वर्षतुम्हारा अभिनंदन है ।।खूब अँधेरे में हम भटकेघर में बंद रहे ।नव प्रकाश को तरस गये हमकिससे कौन कहे ।है स्वागत सत्कार तुम्हाराआतुर रोली चंदन है ।प्रिय आओ नव वर्षतुम्हारा अभिनंदन है ।
श्याम सुन्दर श्रीवास्तव 'कोमल'
व्याख्याता-हिन्दीअशोक उ०मा०विद्यालय,लहार
जिला-भिण्ड(म०प्र०)


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