बांका: देश को आजाद होने से सात दशक बाद भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है बाराटांढ़ गांव के ग्रामवासी।ग्रामीणों ने अपनी व्यथा को सुनाते हुए स्थानीय सांसद गिरधारी यादव को आपबीती सुनाईं।तत्काल सांसद ने संबंधित अधिकारी को त्वरित समस्या के समाधान के लिए निर्देशित किया गया।बांका जिले के करझौंसा रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।गांव में रोड,सड़क, बिजली आदि की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं।खासकर बरसात के दिनों में सड़के नहीं होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पIड़ता है।आजादी के 74 साल बीत जाने के बाद भी आज तक इस गांव वालों की सुधि लेने कोई प्रशासनिक पदाधिकारी ने पहल नहीं की है।यहां तक जनप्रतिनिधि ने इस मामले में अब तक कोई रुचि नहीं दिखाई।आवागमन की सुविधा नहीं होने के कारण खुद इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं कि ग्रामीणों को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता होगा।नीतीश सरकार हर गांव को बिजली से जुड़ने को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किए है।बांका जिले के अधिकांश गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। स्थानीय सांसद से आखरी उम्मीदें बाराटांढ़ के ग्रामीणों को है। गांव की सड़कें अगर बन जाती है तो यह गांव मुख्य सड़क से जुड़ जाएंगे। मुख्य सड़क से गांव जुड़ते ही गांव वाले को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी स्वास्थ्य से लेकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं की जानकारी भी ससमय मिलते रहेगा।
रिपोर्ट :के आर राव