बांका (चांदन):चांदन थाना परिसर में लगने वाले शनिवार का जनता में अधिकतर मामले जमीन सम्बंधित ही होता है।जिसमे अंचल कार्यालय में कार्यरत पूर्व कुछ राजस्व कर्मचारी की मिली भगत से जमाबन्दी में छेड़छाड़ के साथ फर्जी जमाबन्दी सृजन का आता है।जिसे लेकर अंचलाधिकारी द्वारा अपने राजस्व कर्मचारी से रिपोर्ट की मांग की जाती है। लेकिन 17 पंचायत के लिए सिर्फ तीन राजस्व कर्मचारी होने के कारण किसी भी मामले में रिपोर्ट समय पर नही आता है। जिस कारण जनता दरबार मे सुनवाई लम्बी होती जाती है।रिपोर्ट आती भी है तो उसकी जो दलाल को चढावा देकर या बड़े बड़े से पैरवी लगाकर अपना रिपोर्ट गैर सरकारी कर्मचारी से तैयार करवाते है।इस कारण कई गांव में आज भूमि विवाद को लेकर खूनी संघर्ष की आशंका काफी बढ़ गयी है।बीते सप्ताह भी इसी जनता दरबार मे सुनबाई नही होने की स्थिति में सिलजोरी पंचायत के पारी टोले में डमरूधर यादव की मौत पिटाई से हो गयी थी।इस प्रकार का सबसे अधिक जमीनी विवाद सिलजोरी,कोरिया,गौरीपुर औऱ चांदन पंचायत का है।जहां पूर्व के राजस्व कर्मचारी द्वारा जमाबंदी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत सबसे अधिक है। लेकिन इसकी सुनवाई इतनी धीमी गति से हो रही है कि यह कभी न कभी विस्फोटक स्थिति पैदा कर देती है ।जिससे स्थिति खून खराबा तक पहुंच जाता है ।अभी भी सिलजोरी पंचायत में सबसे अधिक भूमाफिया का दबदबा है। जिस कारण अंचल कार्यालय पर लोगों का भीड़ लगातार बना रहता है। साथ ही साथ लोग सर्वे में खतियान निकालने के बाद अपनी अपनी जमीन को बेहतर तरीके से खोज रहे हैं। जो इस प्रकार के फर्जी और असली कागज के लिए खून खराबे की स्थिति पैदा करता है। इस संबंध में अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि पूर्व में राजस्व कर्मचारी द्वारा काफी मात्रा में छेड़छाड़ की शिकायत है, जिसे धीरे-धीरे सुधार किया जा रहा है। लेकिन राजस्व कर्मचारी की संख्या कम होने पर इसकी गति में तेजी नहीं आ रही है।