बांका : मुखिया प्रवीण झा हत्याकांड को लेकर समर्थकों के बीच भारी आक्रोश कायम है। इस कांड को लेकर घटनास्थल पर जुटी समर्थकों की भारी भीड़, उनके द्वारा सड़क जाम, देर रात तक शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाए जाने से पुलिस को रोकना और इस बीच इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार ठहराये जा रहे आरोपियों के घर पर हमला कर भीषण तोड़फोड़.. उनके आक्रोश को रेखांकित कर रहे हैं।ज्ञात हो कि सोमवार को अपराह्न बांका जिला अंतर्गत अमरपुर प्रखंड के भरको पंचायत के मुखिया प्रवीण झा की बोलेरो से कुचल कर हत्या कर दी गई! इस घटना को हत्याकांड इसलिए भी कहा जा रहा है कि स्थानीय सूत्रों के मुताबिक धक्का देने के बाद जब घायल होकर मुखिया बाइक सहित गिरे तो उनकी मौत को लेकर इत्मीनान होने के लिए बोलेरो को बैक गियर में लगाकर पीछे करते हुए फिर से जख्मी मुखिया को कुचला गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मुखिया की मौत की खबर इलाके में जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते घटनास्थल पर हजारों की भीड़ जुट गई। मुखिया प्रवीण झा भरको पंचायत के बाजा गांव निवासी थे और बतौर मुखिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता इलाके में काफी लोकप्रिय भी थे। उनकी इस तरह मौत से समर्थकों में भारी आक्रोश कायम हो गया। समर्थकों ने लाश को घटनास्थल पर ही रोके रखा और इंग्लिशमोड़- शंभूगंज मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सैकड़ों समर्थक देर रात तक घटनास्थल पर जुटे रहे। हालांकि बाद में पुलिस प्रशासन के काफी समझाने बुझाने के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए बांका ले जाने दिया गया जिसके बाद जाम हटा। देर रात ही दिवंगत मुखिया के शव का पोस्टमार्टम किया गया।
इस बीच सैकड़ों समर्थकों ने मुखिया प्रवीण झा की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहे आरोपियों के भरको स्थित घर पर हमला कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों के घर पर भीषण तोड़फोड़ कर पूरे घर को तहस-नहस कर दिया। हालांकि इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी क्षेत्र में मौजूद रहा। लेकिन मुखिया समर्थकों की संख्या और आक्रोश के समक्ष उनकी बहुत नहीं चल पा रही थी। वैसे पुलिस ने काफी संजीदगी के साथ आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश की, जिसमें देर रात उन्हें सफलता भी मिली।
