बांका:प्यार कब कहां हो जाएगा यह कहना मुश्किल है ऐसे ही वाकया का हिस्सा बना है रवि और बेबी का प्यार। मेले में दोनों के बीच आंखे चार हुई और इजहार के बाद दोनों ने बाराहाट प्रखंड परिसर स्थित शिव मंदिर में प्रेमी युगल ने शुक्रवार की देर शाम शादी रचा ली ।झारखंड के गोड्डा के कस्बा ग्राम निवासी रवि अपने रिस्तेदार के घर समूखिया गांव आया था इसी दौरान उसकी मुलाकात बेवी से हो गया। बेवी अपने ननिहाल में रहती थी। वही मेला देखने के दौरान दोनों की आंखें चार हो गई और दोनों ने एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसम खा लिया और शुक्रवार को दोनों ने अपनी मर्जी से विवाह भी कर ली।रवि ने बताया कि हम लोग अपनी मर्जी से शादी कर रहे हैं दोनों शुक्रवार को भगवान शिव को साक्षी मानकर रवि ने बेबी की मांग में सिंदूर भरा, जयमाला पहनाकर उसे पत्नी के रूप में स्वीकार किया ।इस मौके पर मौजूद रहे बेबी के स्वजन ने रवि को अपने दामाद स्वीकार करते हुए बेटी के साथ दोनों को घर ले गए।
शादी के बाद रवि ने बताया कि दहेज लेना या दहेज देना कानूनी अपराध है फिर भी समाज में चोरी छुपे कुछ लोग दहेज देने का काम करते हैं इसलिए हमने बिना दहेज के स्वेच्छा से शादी किया है मैं बेवी के साथ कई माह से प्रेम कर रहा था आज हम दोनों एक दूसरे के हो गए। आज का दिन मेरे लिए जिंदगी का सबसे अच्छा दिन है ।उन्होंने सभी प्रेमी जोड़े को इसी तरह समाज को दहेज मुक्त बनाने की जरूरत है तभी हमारे समाज से दहेज का कलंक समाप्त होगा ।