जहरीली शराब से हुई मौत पर भाकपा माले ने मद्य निषेध एवं उत्पाद मंत्री की बर्खास्तगी कि मांग की।


बिहार में एक भी स्प्रिट कारोबारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं नीतीश सरकार जबाब दें। शराब माफिया–राजनेता–प्रशासन गंठजोड़ पर कार्रवाई की मांग जहरीली शराब जनसंहार का उच्चस्तरीय जांच हो। मृतक के परिजनों को 20 लाख का मुआवजा सरकार दें।


बेतिया ।नौतन थाना क्षेत्र के दक्षिणी तेलहुआ गांव में जहरीली शराब से दर्जनों लोगों की हुई मौत पर शनिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिन ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पश्चिम चम्पारण,जिला मुख्यालय बेतिया के समाहरणालय गेट और सिकटा बाजार में, बिहार के मद्य निषेध उत्पाद मंत्री सुनील कुमार को बर्खास्तगी करने के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया है। भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सह अखिल भारतीय किसान महासभा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा है कि जहरीली शराब से दलित-गरीबों की मौत होना राज्य में एक सामान्य घटना बन गई है। भाकपा माले ने नीतीश सरकार को बारंबार कहा है कि राजनेता-प्रशासन व शराब माफिया गठजोड़ में जहरीली शराब का धंधा चल रहा है, लेकिन सरकार ने इस सच से मुंह छुपाया है। बिहार में जहरीले शराब से मौत हो रहीं हैं लेकिन एक भी स्प्रिट कारोबारियों पर सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। इसका नीतीश सरकार को जबाब देना चाहिए, यही वजह है कि दीवाली के दिन गोपालगंज व चंपारण में अब तक लगभग 36 लोगों की मौत हो चुकी है। मरे हुए लोग गरीब समुदाय हैं, इसलिए इसकी पूरी जवाबदेही सरकार की बनती है। आगे कहा है कि भाकपा माले पार्टी नीतीश कुमार से मांग करती है कि मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार को तत्काल बर्खास्त किया जाय और जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के परिजनों को 20 लाख का मुआवजा दिया जाए,इसके लिए सरकार अपनी नीतियों में बदलाव करे। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी की मांग एक लोकप्रिय मांग थी, उसे लेकर जबरदस्त आंदोलन हुआ था, तब जाकर कानून बना, लेकिन वह काला कानून ही साबित हुआ। शराब का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है, जहरीली शराब से लोग मारे जा रहे हैं। इसी साल तकरीबन 100 लोग जहरीली शराब की भेंट चढ़ गए। एक तरफ मौतें हो रही हैं और दूसरी ओर गरीबों को ही सजा दी जा रही है। यह शराबबंदी गरीबों पर कहर बनकर टूटा है।पार्टी ने बार-बार कहा कि शराब की बुरी लत वालों की आदत छुड़ाने के लिए सामाजिक अभियान चलायी जाए, नशा मुक्ति केंद्र खोले जाएं, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया। सभा में माले नेता धर्म कुशवाहा, मनबोध साह, विनोद कुशवाहा,मुजम्मिल मियां, इन्द्रीस मियां, राजेन्द्र प्रसाद, हारून गद्दी, जोखू चौधरी, अली अनवर, संजय राम इनौस नेता सुरेन्द्र चौधरी आदि नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया।

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