रजौन (बांका):पढ़ाई के प्रति सरकार एवं शिक्षा विभाग काफी सजग है। जिन बच्चों के पास पुस्तके नहीं है उसका शिक्षा अधूरी मानी जाती। सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय के बच्चों के खाते पुस्तक क्रय के लिए राशि हस्तांतरित कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुस्तक क्रय के लिए प्रथम से अष्टम कक्षा के छात्र-छात्राओं के बीच राशि निर्गत किए जाने के बाद अब तक बच्चों एवं बच्चों के अभिभावकों द्वारा मात्र 28 फीसद ही पुस्तक क्रय किया गया है। शिक्षा विभाग के कड़े तेवर को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारी काफी सक्रिय हो गए है। यही कारण है इसके लिए बीईओ राकेश प्रसाद सिन्हा 15 नवंबर को बीआरसी परिसर प्रारंभिक विद्यालय प्रधानों की गुरु गोष्ठी आयोजित की गई थी। गुरु गोष्ठी के क्रम में दिए गए टास्क को देखते हुए मंगलवार को 108 प्राथमिक विद्यालय एवं 73 मध्य विद्यालय परिसर में बच्चों के अभिभावकों के साथ विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीआरसी स्तर पर 19 से 21 नवंबर तीन दिवसीय पुस्तक क्रय मेला में जिन बच्चों द्वारा अब तक पुस्तकें क्रय नहीं किया जा चुका है। ऐसे बच्चों एवं अभिभावकों को शत प्रतिशत पुस्तकें क्रय करा लेने के लिए कहा गया है।बीईओ ने बताया पुस्तक क्रय के लिए पहली कक्षा के बच्चों को 160, दूसरी कक्षा के बच्चों को 180, तीसरी कक्षा के बच्चों को 130, चौथी एवं पांचवी कक्षा के बच्चों को 150-150, छठी कक्षा 280, सातवीं कक्षा 340 यह बम आठवीं कक्षा के बच्चों को 365 रुपए दिया गया है। बीईओ ने बच्चों के अभिभावकों को सीआरसी स्तर पर आयोजित पुस्तक क्रय मेला में शत प्रतिशत पुस्तकें खरीदने के लिए कहा गया है। इसके सफल संचालन एवं मॉनिटरिंग के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा सीआरसीसी आनंद कुमार, वीरेंद्र कुमार, अमित कुमार एवं कुमार गौरव को नामित किया गया है।
रिपोर्ट: केआर राव