रूद्र महायज्ञ में भक्ति की रसघार बह रही है हवनकुंड की वेदी में अग्नि प्रज्जवित किया गया

शंभूगंज (बांका): प्रखंड क्षेत्र के पहाड़ी तेलगामा गांव में चल रहे रूद्र महायज्ञ में भक्ति की रसघार बह रही है  रविवार को यज्ञ स्थल पर बने हवनकुंड की वेदी में अग्नि प्रज्जवित किया गया जिसमें काशी के क्रांतिकारी नागा बाबा के नतृत्व में हरिद्वार,मथुरा ,वृंदावन सहित अन्य जगहों से पधारे करीब एक दर्जन पंडितों की टोली ने मंत्रोच्चारण के साथ लकड़ी घर्षण के माध्यम से अग्नि प्रज्वलित किया इस दौरान यज्ञ स्थल पर देखने वाले श्रद्धालूओं की भीड़ लग गई हवनकुंड में अग्नि प्रज्वलित होते ही हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारे से माहौल शिवमय बन गया  वहीं कथावाचक नागा बाबा ने शिव - विवाह कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया कहा कि जब पर्वतराज ने पुत्री पार्वती की शादी शिवजी से तय किया तो पर्वतराज ने शिव के गोत्र,मूल और वंशज के बारे में पूछा इस पर शिवजी मौन रह गए  पर्वतराज को शिवजी के वंश की चिंता सताने लगी  तब नारद जी ने भगवान शिवजी को स्वयंभू बताया  कथा में कहा कि शिवजी के बारात में सुर-असुर के साथ हिंसक पशु-पक्षी भी एक साथ पहुंचे जिस वजह से शिवजी का नाम पशुपतिनाथ भी है कथा के बीच - बीच में आचार्य पारस के भजन सुन श्रोता झूमने पर विवश हैं.

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