हँसुआ के बियाह मे खुरपी के गीत भईल

गईल दिल के अरमान जइसे,बालू के भीत गईल

हँसुआ  के  बियाह मे ,  खुरपी के  गीत भईल


छठ नहा खाये के हल्ला बरियार रहे

चारु ओर खुशी के,होत बौछार रहे

हम रहनी बेतिया मे, घरवा से फोन आइल

बाबुजी के जिनगी पर,दुखवा के मार रहे

       भोरहीं मे घरे चलनी, देह शिते शीत भईल

       हँसुआ के बियाह मे,खुरपी के गीत भईल


कोप पूरा बढ़ल रहे,हर्निया बेमारी के

अंगना मे सब लोग,रहे पट्टीदारी के

सब लोग जुटल रहे,सेवा इंतजाम मे

लइका लोग हरान रहे,अब ई सम्हारी के

         वोही दिन बुझाईल की, हमर के हित भईल

         हँसुआ के बियाह मे, खुरपी के गीत भईल


ईलाज ला पहुंचनी लेके,बेतिया अस्पताल मे

आधा  घंटा लाग गईल , जाँच  पड़ताल  मे

धीरे धीरे दुःखवा पहाड़ भईल जात रहे

ऑपरेशन होइ डाक्टर साहेब, कहनी हर हाल मे

      देखे आईल उहाँ हमर, जे - जे हित मीत भईल

      हँसुआ के बियाह मे , खुरपी के गीत भईल


दिक्कते से बाटे रोकाईल ई धक्का

आठ दिन बीतल, कटा गईल टांका

दुनिया मे देवता के महिमा महान "नवल "

मानी चाहे मत मानी,बात बाटे पक्का

     मऊअत के महफ़िल मे, जिनगी के जीत भईल

     हँसुआ के बियाह मे, खुरपी के गीत भईल

                       


                                 नवल प्रसाद

                                  बेतिया, प.चम्पारण✍️

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