रजौन के मोहना गांव में सरस्वती मां की प्रतिमा स्थापित करने का इतिहास पांच दशक है पुरानी

रजौन,बांका : रजौन प्रखंड औरहारा पंचायत के मोहना गांव में सरस्वती पूजा का इतिहास पांच दशक पुराना है। गांव की कल्याण संस्था के इस भव्य आयोजन की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैली हुई है। यहां प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना के समय भीड़ लगी रहती है।इसकी स्थापना बसंत पंचमी के दिन 1966 ईस्वी में की गई थी। ग्रामीण नीतीश झा,अनुज ठाकुर,सरपंच कुमुद चंद्र झा बताते हैं कि कल्याण संस्था के सदस्य स्वर्गीय नवल किशोर झा,झारखंड स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक डॉ.नीलमणि झा,तारिणी प्रसाद मिश्र आदि ने कुछ ग्रामीणों के जन सहयोग से प्रारंभ की थी।अभी वर्तमान में जय किशोर झा,गोपाल मिश्र, संजय झा,प्रभात मिश्र,नीतीश झा आदि ने इस आयोजन को समय के अनुकूल बेहतर बनाने में लगे हुए हैं।तब से ग्रामीण सहयोग से प्रतिमा स्थापना और पूजा अर्चना का कार्य निरंतर जारी है।

बसंत पंचमी पर महानगरों से पूजा के लिए आते हैं ग्रामीण: 

नौकरी पेशा बाहुल मोहना गांव के अधिकतर लोग शहरों और महानगरों में रहते हैं, लेकिन बसंत पंचमी सरस्वती पूजा के अवसर पर ज्यादातर लोग पूजा के बहाने गांव आने नहीं छोड़ते हैं।इस वर्ष भी कोविड-19 का पालन करते हुए दो दिवसीय आयोजन  को लघु रूप दिया गया है। इस बार पूजा की बेदी पर पर शनिवार की सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच खड़हारा गांव के विद्वान पंडित कन्हैया लाल चौधरी ने गांव के आचार्य मोनू झा के हाथों से करवाया गया है।

भागलपुर के एक ही परिवार के मूर्तिकार करते आ रहे हैं प्रतिमा का निर्माण: 

इस पूजा की सबसे बड़ी विशेषता शक्ति प्रतिमा का स्वरूप स्थापना काल 1966 ईस्वी से एक ही मूर्तिकार एक ही रंग रूप में देते आ रहे हैं। ग्रामीण नीतीश झा बताते हैं कि यहां की प्रतिमा स्थापना काल से ही भागलपुर रामसर चौक स्थित मंदरोजा से लाई जाती है।पहले मूर्ति का निर्माण मूर्तिकार लखन पंडित करते थे।उनके निधन के बाद उनका पुत्र पप्पू पंडित बनाते आ रहे है। शनिवार को प्रतिमा का पूजन एवं दर्शन के लिए रजौन नव पदस्थापित पुलिस इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह अपने निवर्तमान सह बांका पुलिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार के साथ आदि पहुंचे हुए थे। कल्याण संस्था की ओर से आए हुए पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों का भव्य तरीके से स्वागत के उपरांत प्रसाद भी ग्रहण करवाएं।प्रतिमा का विसर्जन रविवार को पूजा अर्चना, हवन,मंगल- आरती के उपरांत कर दिया जाएगा।

रिपोर्ट:केआर राव

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