दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभूगंड(बांका): प्रखंड क्षेत्र के उन्नीस पंचायतों में लाखों की आबादी निरंतर बढ़ती जा रही है। यहां हर साल आग से कई घर राख हो रहे है। बाबजुद सरकार के द्वारा प्रखंड को एक भी अग्निशमन वाहन उपलब्ध नही कराया गया है। जिसके कारण अगर किसी गांव में आग लग जाय तो प्रशासन के द्वारा जिला मुख्यालय या फिर फुल्लीडुमर से अग्निशमन वाहन मंगवाकर आग बुझाने का कार्य किया जाता है। समय पर अग्निशमन वाहन के नही पहुंचने से लाखो लाख की क्षति हो जाती है। जानकारी के अनुसार शंभूगंज को अग्निशमन वाहन के लिए फुल्लीडुमर से टैगिंग किया गया है। फुल्लीडुमर में जो मिनी अग्निशमन वाहन की क्षमता कम लीटर पानी की है। इस वाहन से बड़ी अगलगी की घटना पर काबू नहीं पाया जा सकता है। मात्र 20 से 30 मिनट में ही अग्निशमन वाहन में लगी पानी टंकी खाली हो जाती है। ऐसी स्थिति में इन अग्निशमन वाहन से बड़ी अगलगी की घटना को रोकना मुमकिन नहीं है। बड़ी घटना होने पर जिला मुख्यालय से अग्निशमन वाहन को बुलाना पड़ता है। जिसके कारण अधिकांश मामलों में अगलगी की घटना में पहुंचने में काफी देर हो जाती है।
