बांका: 14 जुलाई से शुरू होने वाला विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की झलक अब धीरे-धीरे कांवरिया पथ पर भी दिखने लगा है। लगातार दो साल से पूरी तरह बेरोजगार रह कर अपने घरों में बैठने वाले दुकानदार की चहल-पहल भी अब कांवरिया पथ पर अपनी दुकान के लिए जगह देखने के लिए चल पड़ा है। वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक तैयारी भी इस पथ पर तेज हो गई है। दो साल में जहां पूरी तरह जर्जर हो चुके कांवरिया पथ के रास्ते को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। वहीं निजी संस्थाएं और स्वयंसेवी संस्थाएं भी अपने-अपने जगह की सफाई करने के साथ-साथ रंग रोगन की तैयारी कर रहे हैं। इस वर्ष कांवरिया पथ पर सबसे तेज गति से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की गाड़ी चल रही है। उसके द्वारा दुम्मा से लेकर धौरी तक खराब चापाकल को ठीक करने के साथ करीब 30 नए चापाकल लगाने के लिए स्वीकृति का इंतजार कर रही है। साथ-साथ पानी टंकी, कई यूनिट शौचालय, और स्नानागार की व्यवस्था करने में दिन रात लगा हुआ है। जबकि कई बंद पड़े शौचालय की जगह नयी यूनिट के व्यवस्था भी करने के लिए राशि का इंतजार हो रहा है। वही चालू हालत के शौचालय के पास जंगल को साफ करने,रंग रोगन करने,औऱ मरम्मती का कार्य भी युद्व स्तर पर कर रहा है।इस संबंध में जानकारी देते हुए सहायक अभियंता भूपेश कुमार ने बताया कि पूर्व के सभी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के साथ दुम्मा सीमा पर 10 यूनिट शौचालय, प्लेटफार्म, और महिला पुरुष स्नानागार के साथ पेयजल की भी व्यवस्था की जा रही है। जबकि यादोंराय लडीह गांव में जल निकासी की व्यवस्था करना अति आवश्यक है ।साथ ही साथ महिला पुरुष के लिए स्नानागार की व्यवस्था,के अलावे बेलहरिया में पांच यूनिट शौचालय की व्यवस्था अति आवश्यक है। शौचालय की अधिक से अधिक व्यवस्था होने पर कांवरिया पथ में गंदगी की कमी निश्चित रूप से रहेगी। वैसे मैं भी अब खुले में शौच नहीं के बराबर होता है। फिर भी कुछ स्थानीय दुकानदार और कांवरिया भी खुले में शौच कर गंदगी को फैलाते हैं। जिस पर रोक लगाने के लिए सभी जगह शौचालय अति आवश्यक है। जिसके लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग लगातार प्रयासरत है।
कांवरिया पथ पर गंदगी रोकने के लिए समुचित शौचालय की व्यवस्था जरूरी
byआमोद कुमार दुबे
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