एजीएम के मनमानी से डीलर परेशान कर दिया जा रहा है राशन

 एजीएम की मनमानी से डीलर परेशान कम दिया जा रहा राशन

कटोरिया से अरविंद प्रसाद सिंह का रिपोर्ट                                                         


                                                                 कटोरिया (बांका) : राशन कार्ड धारी उपभोक्ताओं को मात्रा से कम राशन दिए जाने की शिकायत इन दिनों आम है। जिसका  जिम्मेदार लोग सीधे डीलर को मानते हैं। मगर इसके पीछे हकीकत कुछ और है। एसएफसी गोदाम से ट्रांसपोर्टर द्वारा होम स्टेप डिलीवरी देने के दौरान प्रत्येक बोरे में दो से आठ किलो तक अनाज कम दिया जाता है। इतना ही नहीं एजीएम दावे के साथ डीलरों से प्रत्येक बोरे पर एक किलो अनाज कम देने की बात करता है। इसका विरोध करने वाले डीलरों को फटा बोरा कम राशन दिए जाने की शिकायत आम है। ऐसे में डीलर सही मात्रा में उपभोक्ताओं को राशन दे दो दे कैसे? नियमानुसार प्रत्येक डीलर को आवंटन के अनुसार वजन कर राशन उपलब्ध कराए जाने का प्रविधान है। मगर चांदन एवं कटोरिया प्रखंड में अफसरशाही चरम पर होने के कारण मनमाने तरीके से डीलरों को राशन उपलब्ध कराया जाता है। कम राशन देने का विरोध करने वाले डीलरों को परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को उनके हक का सही मात्रा में राशन मिलने की संभावना दूर तलक संभव नहीं दिख रहा है। एक डीलर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस महीने छ्ह गाड़ी उसना चावल आया था। जिसे डीलरों में नहीं बांटकर एजीएम के मिलीभगत से कालाबाजारी कर दिया गया। जबकि प्रत्येक बोरे में दो किलो से लेकर आठ किलो वजन कटौती किया गया अरवा चावल में मेकअप कर दिए जाने की बात कही जा रही है। खाद्यान्न कालाबाजारी को लेकर कटोरिया एवं चंदन पहले से ही चर्चा में हैं। जिसमें अधिकारी से लेकर कई सफेदपोश की इस गोरखधंधे में चांदी कट रही है। सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार चांदन प्रखंड में गेहूं 151086 किलो एवं 613820 किलो चावल उपलब्ध कराया गया है। जबकि कटोरिया प्रखंड में गेहूं 167103 किलो एवं 670128 किलो राशन उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रत्येक 50 किलो के बोरे में दो किलो से लेकर आठ किलो तक राशन कम दिया जाता है तो कितनी बड़ी मात्रा में गरीबों को मिलने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी हो रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसकी सही जांच की जाए तो खाद्यान्न कालाबाजारी का एक बड़ा रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।

Post a Comment

आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...

Previous Post Next Post