बांका: चांदन प्रखंड के किसान जहां एक तरफ सुखाड़ की मार से परेशान है। और धान की जगह दूसरी फसल लगाकर अपनी गरीबी से निजात पाना चाहते है वही इन दिनों कई गांव के किसान जंगली सुअर और बंदर से खासे परेशान है। इन दिनों गौरीपुर,बिरनिया, सिलजोरी, कुसुमजोरी, कोरिया सहित कई पंचायतों में बड़ी संख्या में बंदर का आतंक हो गया है। जिसके द्वारा सुबह से शाम तक मकई, भिंडी,कद्दू,आदी, मूली बड़ी संख्या में नष्ट किया जा रहा है।जबकि दिन भर बंदर और रात को जंगली सुअर भी फसल को बर्बाद कर रहे है।कुछ किसानों को बंदर से फसल बचाने के लिए पटाखे,आग,और लाठी का व्यवस्था करना पड़ता है। इस संबंध में सुनील कुमार, राजाराम चौधरी,पवन कुमार,बब्लू मुर्मू बताते है कि मूली को जमीन से निकाल कर रात को जंगली सुअर खाने के साथ बर्बाद भी कर देते है।जबकि बड़ी संख्या में मकई, भिंडी,कद्दू बंदर की भेंट चढ़ जाता है।इसकी कई बार शिकायत के बाद भी वन विभाग कोई ध्यान नही दे रहा है। इस संबंध में पूछने पर वनपाल अशोक झा ने बताया कि उन्हें भी कुछ लोगो ने इस प्रकार की शिकायत किया है।इससे बचाव के लिए किसान अपने घरों में पटाखे की व्यवस्था रखे।जिसके आवाज से बंदर और जंगली सुअर से निजात पा सकते है।
