दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में एमडीएम की स्थिति ठीक नहीं है। विद्यालय में कहीं चापानल की समस्या तो कहीं चावल की कमी से बच्चों के मध्याह्न भोजन पर ब्रेक लग गया है। इस क्रम में राजकीय बुनियादी विद्यालय गुलनी - कुशाहा की बात करें तो यहां पिछले एक माह से एमडीएम बंद है।रसोई घरों में ताला लटक गया है। विद्यालय प्रभारी तिलोत्तमा कुमारी ने बताया कि पिछले माह 13 जुलाई से ही विद्यालय में चावल नहीं है ।जिस वजह से एमडीएम बंद है।विद्यालय में मध्याह्न भोजन बंद रहने से एक तो बच्चों की उपस्थिति कम हो गया है ।बांकि बच्चे भूखे पेट ककहरा रटने पर विवश हो रहे हैं। वहीं विद्यालय के छात्र शुभम , सौरभ , आर्यन , आयुष , छात्रा शिवानी , प्रियंका सहित अन्य ने मायुस श्वर में बताया कि बांकि स्कूलों में बच्चों को भोजन खिलाया जा रहा है , लेकिन यहां एक माह से भोजन बंद है। सुबह नाश्ता करके विद्यालय आते हैं , और फिर मध्याह्न काल में भोजन करने घर चले जाते हैं। इस आपाधापी के कारण पठन - पाठन भी प्रभावित हो रहा है।इधर बच्चों के अविभावकों ने भी शिक्षा विभाग के लचर सिस्टम पर नाराजगी व्यक्त की है। बताया कि एक तो विद्यालय में भोजन मेन्यू के हिसाब से नहीं बनता है। उसमें भी एक - एक माह तक भोजन नहीं मिलता है।सरकार को एमडीएम की इस व्यवस्था को ही बंद कर देनी चाहिए। मध्याह्न भोजन योजना बच्चों का विद्यालय के प्रति आकर्षण के लिए है। विभाग की उदासीनता के कारण योजना सिर्फ लूट - खसोट की रह गई है ।इस संबंध में प्रभारी तिलोत्मा ने बताया कि विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या तीन सौ के करीब है । विद्यालय में चावल कमी होने की जानकारी प्रखंड बीआरसी से लेकर जिला में भी दी गई है। इस संबंध में बीइओ आमोद कुमार ने अवकाश में रहने की बात कही ।एमडीएम प्रभारी प्रेमलाल ने बताया कि क्षेत्र के सभी विद्यालयों में चावल आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। बताया कि दो दिनों के अंदर समस्या समाधान होगा। यह स्थिति सिर्फ राजकीय बुनियादी विद्यालय गुलनी - कुशाहा की नहीं , बल्कि क्षेत्र के एक दर्जन विद्यालयों में चावल की कमी से एमडीएम बंद है।