दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : सरकार के 24 घंटे विद्युत आपूर्ति बहाल करने के दावे सिर्फ कागजों पर है , धरातल पर कुछ नहीं है ।प्रखंड में सरकार के इस दावे की किरकरी खूब हो रही है। खासकर क्षेत्र में विद्युत विभाग की स्थिति दिन - प्रतिदिन बदतर होते जा रही है ।शाम ढलते ही प्रखंड के दर्जनों गांवों में बिजली गायब हो जाती है । फिर रातभर लोग अंधेरे में रहने पर विवश हो जाते हैं। बांकि जिन गांव में बिजली आपूर्ति होती भी है तो ग्रामीण लो वोव्टेज के शिकार हो रहे हैं ।जिला परिषद सदस्य , प्रीतम साह , काजल भारती , छत्रहार पंचायत के मुखिया अनिता मिश्रा , पूर्व मुखिया मनोज मिश्र , समाजिक कार्यकर्ता , अनुप पांडे , मिंटू सिंह सहित अन्य ने बताया कि पिछले तीन - चार माह ले बिजली की व्यवस्था लचर हो गई है । पहले 18 - 20 घंटे तक बिजली मिलती थी , लेकिन अभी मुश्किल से चार से पांच घंटे मिल रही है। सबसे बड़ी परेशानी है कि शाम ढलने के साथ ही आपूर्ति बंद हो जाती है। जिससे बच्चों के पठन - पाठन पर असर तो पड़ता ही है , गृहणियों को भी रसोई पकाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया कि एक तो सरकार पहले से केरोसिन पर ब्रेक लगाया।अब बिजली की खराब स्थिति से आमलोगों की परेशानी दोगुणी हो गई है ।बताया कि दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब भी बिजली से संबंधित शिकायत अथवा सुझाव की बात करते हैं तो कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी से लेकर कर्मी पर असर नहीं पड़ता ।यहां तक कि जनप्रतिनिधियों की शिकायत भी अनसुना करते हैं ।भले इसका प्रभाव बिजली विभाग पर नहीं पड़ रहे हों , लेकिन उदासीनता पर उपभोक्ताओं का आक्रोश पनपना शुरू हो गया है ।यदि विभाग समस्या समाधान नहीं करती है तो उपभोक्ता जनआंदोलन की ओर बढ़ेंगे । इस संबंध में विभाग के कनीय अभियंता अमीत कुमार ने बताया कि कभी 33 हजार में फाल्ट तो कभी सुलतानगंज ग्रीड में फाल्ट के कारण परेशानी हो रही है ।समस्या समाधान के लिए प्रसासरत हैं ।
