बांका:सरकार की ओडीएफ योजना की सच्चाई का पता लगाना हो तो इस दिनों कांवरिया पथ के चांदन पुल और गोड़ियारी नदी पर जाकर देखा जा सकता है।जहां नही में रास्ते को छोड़ कर कही भी पैर रखने की जगह तक नही है।जबकि जिलाधिकारी अंशुल कुमार और स्थानीय पदाधिकारी के अथक प्रयास से पूरे कांवरिया पथ के किनारे के लगभग सभी दुकानों में शौचालय की व्यवस्था है।साथ ही साथ कई जगहों पर सरकारी और निजी शौचालय भी दजनो की संख्या में बनाये गए है। जबकि चांदन नदी पुल के पास कांवरिया के लिए एक भी शौचालय नही है। जबकि सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले वैसे कांवरिया जो अपने छोटे बड़े वाहन से गुजरते है। उसका एक पड़ाव चांदन नदी किनारे होता ही है।जिस कारण रोजाना दिनभर तो कांवरिया की भीड़ तो होती ही है। रात को भी बड़ी संख्या में रात को भी कांवरिया यहां ठहरते है।चुकी यहां से झारखंड सीमा मात्र आठ किलोमीटर है। इसलिए अहले सुबह सभी नदी से नहाकर अपने यात्रा पर निकल पड़ते है। जिससे खुले में शौच इनकी मजबूरी होती है। वही गोड़ियारी नदी के अगल बगल शौचालय होने के बाबजूद नदी और उसके आसपास शौच करने वालो की कमी नही होती है। जिस कारण हल्की बारिश के बाद पूरा कांवरिया पथ का वातावरण दूषित हो जाता है। इसके निदान के लिए काफी संख्या में शौचालय बनाने की जरूरत है। तभी कांवरिया पथ को ओडीएफ घोषित किया जा सकेगा। इस संबंध में बीडीओ राकेश कुमार और सीओ प्रशांत शांडिल्य ने बताया कि हर वर्ष शौचालय की कमी पड़ रही है जबकि हर बर्ष नया नया शौचालय बनाया जा रहा है।और आने वाले वर्ष में भी चांदन नदी किनारे और संपूर्ण कांवरिया पथ पर नए नए शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।