दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट
शंभुगंज (बांका) : अंग क्षेत्र का प्रसिद्ध शक्तिपीठ तिलडीहा दुर्गा मंदिर में दशहरा मेले को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है।तिलडीहा मंदिर सरकार के अधीन होने के साथ ही नियम - कायदे में भी परिवर्तन शुरू हो गया।इस बार तिलडीहा में पाठाबलि के लिए तीन जगहों पर रसीद कटेगी। बीडीओ प्रभात रंजन ने बताया कि जिन श्रद्धालूओं को तिलडीहा में पाठाबलि देनी है , वह मंदिर परिसर के अलावे प्रखंड मुख्यालय , थाना परिसर से भी रसीद कटा सकते हैं । इसके लिए सौ रूपये शुल्क निर्धारित की गई है ।बताया कि नवरात्र के दूसरी पूजा यानि मंगलवार से रसीद कटने का काम शुरू होगा।तिलडीहा परिसर में भीड़ का दबाव अधिक न हो और आमश्रद्धालूओं को कठिनाई नहीं हो , इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा यह व्यवस्था की गई है ।इसके अलावे रविवार को एसडीओ के निर्देश पर सीओ अशोक कुमार , थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत ने तिलडीहा परिसर से दुकान को खाली कराया।साथ मंदिर के मुख्य सड़क के दोनों किनारे लगी दुकान को भी पीछे हटाया।ताकि पहली पूजा पर जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालूओं को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
पहली पूजा पर जलाभिषेक करने लाखों की संख्या में श्रद्धालू सुलतानगंज गंगाघाट से जल भरकर तिलडीहा पहुंचते हैं।रात्रि के दो बजे से ही श्रद्धालूओं का आना शुरू हो जाता है।कोरोनाकाल के चलते पिछले दो वर्षों से जलाभिषेक पर प्रतिबंध था।जिस कारण इस बार अधिक भीड़ होने की उम्मीद है।थानाध्यक्ष ने बताया कि पहली पूजा के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरा कर लिया गया है।रात्रि में ही जगह - जगह महिला और पुरूष बल तैनात रहेंगे।
