रजौन, बांका: चार दिवसीय छठ महापर्व नहाए खाए कद्दू भात के साथ शुक्रवार 28 अक्टूबर से प्रारंभ हो गया है। छठ महापर्व को लेकर शुक्रवार को भी रजौन, पुनसिया, नवादा बाजार सहित ग्रामीण इलाकों के पूजन सामग्री खरीदने के लिए छठ वर्तियों की काफी भीड़ देखी गई। राजावर मोड़, बामदेव, खिड्डी हाट सहित ग्रामीण इलाकों के छोटे-मोटे हाट बाजारों में छठ व्रती श्रद्धालु सामग्री खरीदते नजर आ रहे थे। छठ व्रत को लेकर छठ घाटों की साफ सफाई के लिए लोग जोरशोर से जुट गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार रजौन प्रखंड वासी छठ महापर्व रजौन-बाराहाट सीमा पर अवस्थित मुख्य सड़क मार्ग स्थित महाशय डेहरी छठ घाट जहां प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान भास्कर का आकर्षक प्रतिमा स्थापित करते हुए पूजा-अर्चना करने की परंपरा है। इसी प्रकार मुख्य सड़क मार्ग स्थित ही चांद सरोवर, कतरिया नदी-जख बाबा छठ घाट, पुनसिया बस्ती भूआसन तालाब, रजौन थाना स्थित ऐतिहासिक सूजा शिकार तलाब छठ घाट, रजौन मोदी हाट दुर्गा मंदिर स्थित छठ घाट, लकड़ा काली मंदिर स्थित नपकीएड़ा छठ घाट सहित चांदन नदी, नवादा-धनकुंड थाना सीमा पर अवस्थित कदवा नदी लखना बांध छठ घाट, कोल्हनी, बबूरा प्रशाखा नहर, हरना प्रशाखा नहर, उपरामा तालाब, फकीरा बांध, दो मुहान सहित प्रखंड वासी अपने अपने सुविधा अनुसार बगल स्थित छठ घाटों का उपयोग करते हुए सुंदर आकर्षक तरीके से सजाते हुए लोक आस्था का महापर्व श्रद्धा नेम निष्ठा के साथ भगवान भास्कर को डूबते एवं उगते हुए समय अर्घ्य दान करते हैं। खरना महापर्व शनिवार 29 अक्टूबर, डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दान रविवार 30 अक्टूबर एवं सोमवार 31 अक्टूबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दान के साथ छठ महापर्व संपन्न हो जाएगा।
रिपोर्ट:के आर राव