रजौन, बांका : सोमवार को उदयीमान भगवान भास्कर को अर्घ्य के उपरांत मुख्य सड़क मार्ग स्थित रजौन प्रखंड के कतरिया नदी पुल जख बाबा छठ घाट परिसर में अखिल भारतीय गायत्री परिवार की ओर से गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी अमन-चैन, सुख-समृद्धि, मान-सम्मान आदि को लेकर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धालु छठ व्रतियों द्वारा हवन यज्ञ में भाग लेते हुए हवन यज्ञ एवं मंगल आरती में शामिल हुए। हवन यज्ञ के मुख्य यजमान के रूप में जहां रजौन पंचायत के पूर्व सरपंच प्रदीप कुमार सिंह व उनकी पत्नी धौनी-बामदेव पंचायत से मुखिया प्रत्याशी रही पूनम देवी ने अपना अहम योगदान दिया, वहीं मुख्य आचार्य कुबेश प्रसाद सहयोगी, कौशल किशोर हवन यज्ञ के कार्य को संपादित करा रहे थे। बता दें कि इस हवन यज्ञ की सफलता में डीएन सिंह कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर जीवन प्रसाद सिंह, सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रोफेसर जय कुमार राणा, बद्री प्रसाद बानप्रस्ती, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अवधेश साह, विनीत सिंह, रामरूप चौधरी, बिरेंद्र प्रसाद साह, रामरतन रजक,दिलीप मंडल,जख बाबा पुजारी विष्णुदेव पासवान सहित गायत्री परिवार के सदस्य गण हवन यज्ञ की सफलता में हर तरह से सहयोग करने में लगे हुए थे। हवन यज्ञ में भाग लेने वाले में से विजय प्रसाद गुप्ता, कुंदन कुमार गुप्ता,दिवाकर ठाकुर, छोटू उर्फ विदुर सहित सौ से अधिक छठ वर्ती श्रद्धालु गण शामिल हुए। छठ महापर्व को लेकर पूर्व सरपंच प्रदीप कुमार सिंह ने अपने पुत्र ललन कुमार सिंह, बजरंगी सिंह के सहयोग से डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दान के पहले एवं उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दान के पहले मुख्य सड़क मार्ग को रजौन मोदी हाट के समीप से कतरिया नदी पुल जख बाबा छठ घाट से लेकर धौनी होटल तक पानी के टैंकर से पूरे सड़क मार्ग को पानी की बौछार से धुलाया जा रहा था। इस पुनीत कार्य को लेकर सभाओं ने पूर्व सरपंच प्रदीप कुमार सिंह के लिए उज्जवल भविष्य एवं दीर्घायु आदि की मंगल कामना की बात करते हुए देखे एवं सुने जा रहे थे। कई धर्म प्रिय सज्जन बता रहे थे कि पूर्व सरपंच प्रदीप कुमार सिंह इस तरह की सेवा कई वर्षों से लगातार करते चले आ रहे हैं। वहीं मुख्य आचार्य कुवेश प्रसाद सहयोगी, कौशल किशोर तथा बद्री प्रसाद बानप्रस्ती ने बताया कि छठ महापर्व के दूसरे दिन भगवान भास्कर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्यदान के बाद गायत्री परिवार के सहयोग से हवन यज्ञ का कार्य लगातार 2017 ईस्वी से होते चला आ रहा है। हवन यज्ञ के उपरांत भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद एवं चाय आदि की भी व्यवस्था की गई थी।
रिपोर्ट:केआर राव