(सुजय प्रकाश पाण्डेय/चम्पारण नीति)
बेतिया। पश्चिम चंपारण का दोन इलाका आज भी विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कटा हुआ है। स्थानीय लोग बताते हैं कि यहां जो भी योजनाएँ आती हैं, वे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती हैं। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग अब भी तरस रहे हैं।
दोन के ग्रामीणों का कहना है कि नेताओं द्वारा चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद यह क्षेत्र फिर से उपेक्षा का शिकार हो जाता है।
युवाओं का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर आगे आकर आवाज बुलंद करनी चाहिए, ताकि विकास की किरणें वास्तव में दोन तक पहुँच सकें।