जर्जर भवन में पढ़ने को बच्चे मजबूर

जर्जर भवन में पढ़ने को बच्चे मजबूर

बांका: चांदन प्रखंड मुख्यालय के वार्ड  तीन में स्थित सबसे पुराना संस्कृत प्राथमिक विद्यालय भवन में पढ़ने और पढ़ाने वाले भगवान भरोसे अपना समय पूरा कर रहे हैं। इसके भवन का निर्माण बर्ष 2006 में पूरा हुआ। इस कारण विद्यालय भवन की स्थिति काफी जर्जर हो गई है । खास कर विद्यालय की छत पर कई जगह घास फूस उग गया है। जिस कारण बर्षा के दिनों में पानी कक्षा में ऊपर से गिरता है । इस कारण बर्षा  के दिनों में शिक्षक बड़ी मुश्किल से छात्रों को शिक्षण कार्य कराते हैं।उन्हें हमेशा डर बना रहता है कि विद्यालय  भवन का कोई भी भाग कभी गिर कर शिक्षक और  छात्राओं को चोटिल कर सकती है। काफी पुराना भवन होने के कारण इसकी मरम्मत जरूरी हो गया है  लेकिन विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।कई बार तो छतों से प्लास्टर टूटकर जमीन के गिरने लगते हैं। जिस कारण से कभी भी अनहोनी होने का खतरा बना हुआ है। विद्यालय  की प्राचार्य भूपेंद्र तांती बताते है कि विद्यालय में पठन-पाठन के लिए सिर्फ चार कमरा है।जिसमें एक कमरा कार्यालय के लिए सुरक्षित रखा गया है। जिसमें सिर्फ तीन कमरे में एक से पांच तक के बच्चे पढ़ाई करते हैं।
 वर्तमान में विद्यालय में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 52 है एवं विद्यालय में शिक्षक शिक्षिका की संख्या तीन  है।जर्जर भवन की मरम्मत के लिए अधिकारियों से कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई है।वहीं ग्रामीण रूपेश पांडेय, शैलेन्द्र ठाकुर,प्रणव कुमार मनोज पांडेय आदि ने बताया कि स्कूल की हालत यह है कि कमरों की छत की प्लास्टर व ईंट आदि टूट-टूट कर अक्सर गिरते रहते हैं।पिछले साल पढ़ाई करने के लिए छत पर चढ़ने के दौरान  प्लास्टर का बड़ा टुकड़ा एक बच्चे के सामने ही गिर गया था। जिससे छात्र बाल बाल वह बच गया था।इससे बाकी बच्चों में दहशत बन गया है। इस प्रकार के गंभीर हादसा होने की संभावना बनी रहती है।साथ ही विद्यालय की चारदिवारी निर्माण कार्य शुरू होकर बंद हो गई है।ठंड की दिनों में विद्यालय परिसर में हो रहे पठन-पाठन के दौरान अनाधिकारिक रूप से विद्यालय परिसर में बाहरी बच्चे प्रवेश कर के क्रिकेट खेल खेला करते हैं जिससे कभी भी छोटे बच्चे दुर्घटना की शिकार हो सकते हैं। चांदन पंचायत के मुखिया अनिल कुमार के द्वारा करीब छः महीने पूर्व विद्यालय की चारदिवारी निर्माण कार्य करने को लेकर विद्यालय की जमीन को अमानत द्वारा माफी कराकर गिट्टी व रेत आदि निर्माण सामग्री विद्यालय के परिसर में गिराए जाने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पायी है।जिसको लेकर ग्रामीण तरह-तरह की चर्चा कर रहें हैं।इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुरेश प्रसाद ठाकुर ने बताया मामले की जांच कर चारदीवारी निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

Post a Comment

0 Comments