बांका:भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई कर सरकारी महकमे में खलबली मचा दी है। सोमवार को रजौन में बीस हजार रिश्वत के साथ बिजली विभाग के एसडीओ जबकि मंगलवार को बांका जिले में चांदन प्रखंड में निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाकर एक सर्वे अमीन को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद राजस्व और भूमि सर्वेक्षण से जुड़े कर्मियों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सर्वे अमीन आदित्य कुमार के रूप में हुई है। आरोप है कि आरोपी आवेदक के पिता के नाम में सुधार के बदले एक व्यक्ति से रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की और आरोपों को सही पाए जाने के बाद ट्रैप की योजना तैयार की।
जानकारी के अनुसार चांदन प्रखंड की असुढ़ा पंचायत निवासी दिनेश मंडल ने निगरानी विभाग को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनके जमीन से जुड़े मामले के निपटारे के लिए सर्वे अमीन आदित्य कुमार 10 हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पहले तथ्यों का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर निगरानी टीम ने कार्रवाई का खाका तैयार किया।मंगलवार को चांदन नदी के समीप स्थित एक मकान में जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अमीन को तय रकम सौंपी, पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई।
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे निगरानी विभाग के एसडीओ मोहम्मद वसीम ने बताया कि शिकायत का सत्यापन करने के बाद विधिसम्मत तरीके से ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए बांका लाया गया है, जहां आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई की खबर फैलते ही क्षेत्र में तैनात कई अन्य अमीन और राजस्व कर्मियों के बीच बेचैनी बढ़ गई। चर्चा है कि कुछ लोग अपने डेरे और अस्थायी ठिकानों को छोड़कर चले गए। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हाल के दिनों में बांका जिले में निगरानी विभाग की यह दूसरी और प्रखंड में तीसरी बड़ी कार्रवाई है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों के बीच डर का माहौल देखा जा रहा है। वहीं आम जनता ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी मुहिम को और तेज करने की मांग की है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।
आम जनता का कहना है कि छोटी छोटी मछली पकड़ी जाती है जबकि बड़ी मछली पकड़ में नहीं आती है इस प्रखंड में सर्वे का पूरा अमला सिर्फ लुट ही करती है जिसमें सबसे अधिक परेशानी गरीब लोगों को होती है उससे मोटी रकम लेकर जमीन देने, सुधार करने,दखल दिलाने के बात बता कर मोटी रकम वसूल कर चुकी है।


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