पुनसिया-परसा-बबुरा' सड़क निर्माण पर बड़ा अपडेट: विभागीय अभियंता ने दिया जवाब, सर्वे पूरा- अब दिशा-निर्देश का इंतजार​

​रजौन,बांका :- धोरैया के विधायक मनीष कुमार द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग को पत्र सौंपकर रजौन प्रखंड की बहुप्रतीक्षित और जर्जर सड़क के जीर्णोद्धार की उठाई गई मांग के बाद अब इस मामले में बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। विधायक के प्रश्नों के उत्तर में कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग (कार्य प्रमण्डल, बांका-2) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सड़क की वर्तमान तकनीकी स्थिति का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार मालती मोड़ से पड़घड़ी-लकड़ा नहर होते हुए भतुआचक तक की कुल 10.69 किलोमीटर लंबी यह सड़क मुख्य रूप से 5 अलग-अलग पथों से जुड़ी हुई है। इसमें मालती आरडब्ल्यूडी पथ से पड़घड़ी यादव टोला (2.55 किमी), लकड़ा आरडब्यूडी रोड से बनियाचक-परसा कहार टोला (2 किमी) तथा नवादा-धोरैया आरसीडी पथ से लकड़ा यादव टोला (3.84 किमी) का विभागीय 'लेफ्ट हेबिटेशन सर्वे एप' के माध्यम से सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा इस मार्ग के दो अन्य हिस्सों (बरौनी से झिटका और नवादा-बामदेव मुख्य पथ से मियांगड़िया) का 1.15-1.15 किमी हिस्सा आरआरएसएमपी योजना के तहत स्वीकृत एवं निर्मित है। साथ ही मालती गांव से पड़घड़ी-लकड़ा गांव तक के 1.25 किमी पथ का भी सर्वे पूरा हो चुका है। कार्यपालक अभियंता ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि सर्वे का कार्य संपन्न होने के बाद अब विभागीय निदेश प्राप्त होते ही आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि बाबुरा प्रशाखा नहर मार्ग के नाम से जानी जाने वाली यह सड़क रजौन व धोरैया प्रखंड के साथ-साथ भागलपुर जिले के सन्हौला और गोराडीह तक जाने वाले 100 से अधिक गांवों की लाइफलाइन है। पूर्व में इस मार्ग पर अवैध बालू लदे भारी ट्रैक्टरों के बेधड़क परिचालन के कारण यह सड़क पूरी तरह ध्वस्त होकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई थी। हालांकि, वर्तमान में जिला प्रशासन के कड़े तेवर के चलते बालू का अवैध परिचालन बंद है, लेकिन इस मानसून की बारिश ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। विशेष रूप से मालती मोड़ से मियांगड़िया नहर पुल और पंचरुखी खाप से भतुआचक पुल तक पानी भरने से राहगीरों, मरीजों और स्कूली बच्चों का गुजरना जोखिम भरा हो गया है। विभागीय सर्वे की रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है और मांग की है कि जिस तरह 'हरणा प्रशाखा नहर सड़क' का नए सिरे से कायाकल्प किया गया है, उसी तर्ज पर टुकड़ों में बंटी व गड्ढे में तब्दील हुए इस 'बाबुरा प्रशाखा नहर सड़क' को भी एक सिंगल स्ट्रेच मानकर जल्द से जल्द प्रशासनिक स्वीकृति दी जाए, ताकि टेंडर जारी कर निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो सके।

रिपोर्ट:- केआर राव 

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