रजौन,बांका :- रजौन प्रखंड क्षेत्र की भवानीपुर-कठौन पंचायत अंतर्गत करसानी गांव निवासी होनहार गौरव कुमार सत्यार्थी की सफलताओं का कारवां रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के फाइनल रिजल्ट में पहले ही प्रयास में 700वां रैंक हासिल कर ग्रामीण विकास अधिकारी (आरडीओ) बनने वाले गौरव को अब भारत सरकार की तरफ से एक और बड़ी कामयाबी मिली है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा उनकी प्रतिभा और सिविल सेवा परीक्षा 2024 के प्रदर्शन (प्रतिभा सेतु पोर्टल) के आधार पर सीधे भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरव कुमार सत्यार्थी को मंत्रालय के 'माय भारत' (मेरा युवा भारत) विभाग में सहायक निदेशक सह जिला युवा अधिकारी के राजपत्रित (लेवल 10) पद पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में विभाग द्वारा उन्हें आधिकारिक ईमेल और नियुक्ति पत्र भेज दिया गया है। गौरव की शुरुआती शिक्षा बेहद शानदार रही है, जिसने उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की मजबूत नींव रखी। उन्होंने साल 2013 में डीपीएस भागलपुर से 10वीं और 2015 में रांची के प्रसिद्ध जेवीएम श्यामली से 12वीं की परीक्षा पास की थी। इसके बाद उन्होंने कोलकाता की विख्यात जाधवपुर यूनिवर्सिटी से बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) की पढ़ाई पूरी की और साल 2020 से इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन (इरकॉन) में सहायक प्रबंधक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। गौरव ने इससे पहले वर्ष 2024 में देश की सबसे कठिन यूपीएससी की परीक्षा में इंटरव्यू राउंड तक का सफर तय किया था, जहां बेहद मामूली अंतर मात्र 6 अंक से चूकने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अब उनकी इसी प्रतिभा को देखते हुए यूपीएससी के 'प्रतिभा सेतु' पहल के तहत भारत सरकार ने उन्हें सीधे इस उच्च पद का ऑफर दिया है, जो इंटरव्यू तक पहुंचने वाले देश के चुनिंदा मेधावी युवाओं को मिलता है। बीपीएससी से चयनित प्रधान शिक्षक सत्यार्थी कुमार केशव और शिक्षिका माता रेशमी कुमारी के पुत्र गौरव कुमार सत्यार्थी के पूरे परिवार में हमेशा से ही शिक्षा का एक बेहतरीन माहौल रहा है। बता दें कि गौरव के बड़े पिताजी जयशंकर प्रसाद विद्यार्थी भी पेशे से शिक्षक हैं, जिनकी होनहार बेटी और गौरव की चचेरी बहन कुमारी स्वयंप्रभा ने भी इसी 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 1286वां रैंक प्राप्त कर आरडीओ (बीडीओ) के पद पर अपनी जगह पक्की की है। इसके अलावा गौरव के अपने छोटे चाचा कुंदन कुमार बिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलिया के शिक्षक एवं बांका जिले के सांस्कृतिक कार्यक्रम समन्वयक सह उद्घोषक हैं, जबकि स्वयंप्रभा के बड़े भाई कुमार देवव्रत एवं भाभी रोमी कुमारी भी पेशे से बीपीएससी शिक्षक हैं। एक ही आंगन से दो-दो अधिकारी निकलने की इस ऐतिहासिक खुशी में विगत 25 जून को बांका में आयोजित प्रतिभा सम्मान के दौरान डीएम अंशुल अग्रवाल द्वारा दोनों सफल अभ्यर्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया था। इसके ठीक एक दिन बाद विगत 26 जून को परिजनों और ग्रामीणों द्वारा गांव में एक भव्य 'प्रतिभा सम्मान सह स्वागत समारोह' का आयोजन किया गया था। इस समारोह में ग्रामीणों एवं प्रबुद्धजीवियों द्वारा दोनों सफल भाई-बहनों, कुमार गौरव और कुमारी स्वयंप्रभा को बुके, अंगवस्त्र और फूलमालाओं से लादकर भव्य रूप से सम्मानित किया गया। अब गौरव को केंद्र सरकार में सहायक निदेशक का पद मिलने की इस नई और बड़ी सूचना के बाद से पूरे बांका जिले में हर्ष की लहर दौड़ गई है और उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
रिपोर्ट:- केआर राव