रजौन,बांका :- प्रखंड अंतर्गत कठौन गांव में 'अंग संस्कारशाला' के बैनर तले रविवार को शिक्षा, संस्कार, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और स्वावलंबन के संदेश के साथ एक भव्य तिरंगा जन-जागरूकता यात्रा निकाली गई। इस यात्रा की सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायक बात यह रही कि इसकी अगुवाई गांव की ही एक बुजुर्ग महिला ने की, जिनके पीछे हाथों में तिरंगा थामे बच्चों, महिलाओं और अभिभावकों का एक बड़ा हुजूम चल पड़ा। पूरा गांव "शिक्षा का अधिकार हमारा है" और "जय अंग, जय अंगिका" के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। यात्रा के दौरान बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ समाज को स्वच्छता अपनाने, प्लास्टिक मुक्त समाज बनाने और पर्यावरण को बचाने का संदेश दिया। इस सामाजिक चेतना के अवसर पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ पंकज कुमार ने किया, जिसके बाद गांव की महिलाओं ने शिक्षिका सोनी कुमारी को उनके बेहतरीन शैक्षणिक और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया। अपने संबोधन में शिक्षिका सोनी कुमारी ने कहा कि अंग संस्कारशाला में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सेवा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है ताकि वे भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बन सकें। वहीं संस्था के संरक्षक और लेखक जेबियर झा ने अपनी मिट्टी और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर देते हुए कहा कि अपनी भाषा और परंपरा की रक्षा के लिए हमें देशी वस्तुओं को अपनाना होगा और अपनी अंगिका पहचान पर गर्व करना होगा। शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए संस्था के अध्यक्ष राकेश कुमार ने ग्रामीणों से भावुक अपील की कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, लेकिन गांव के हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचनी चाहिए और सभी अभिभावकों को प्रतिदिन अपने बच्चों को विद्यालय जरूर भेजना चाहिए। इस पूरे अभियान को सफल बनाने और इसका संचालन करने में स्वयंसेवक मनीष कुमार ने अहम भूमिका निभाई, जिन्होंने इस संस्कारशाला को समाज की बुराइयों को दूर करने वाली पहली मजबूत नींव बताया। इस ऐतिहासिक और प्रेरक आयोजन में विनय कुमार, राज किशोर सिंह और वार्ड सदस्या पूनम देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने समाज को बदलने का यह संकल्प मिलकर लिया।
रिपोर्ट:-केआर राव