रजौन में धूमधाम से मनाई गई राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका लक्ष्मीबाई केलकर की जयंती, अगले रविवार से लगेगी साप्ताहिक शाखा

​रजौन, बांका : रजौन प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परिसर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महिला विंग, राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापिका लक्ष्मीबाई केलकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भारत माता एवं लक्ष्मीबाई केलकर के तैलीय चित्र पर बारी-बारी से पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। संगठन में सम्मान से 'मौसी जी' के नाम से पुकारी जाने वाली लक्ष्मीबाई केलकर का मूल नाम कमल था, जिनका जन्म अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 6 जुलाई 1905 को नागपुर में हुआ था। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी को आने वाली उनकी इस जयंती को राष्ट्र सेविका समिति द्वारा 'संकल्प दिवस' के रूप में मनाया जाता है। समारोह के दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने 25 अक्टूबर 1936 को विजयादशमी के दिन महाराष्ट्र में राष्ट्र सेविका समिति नामक संगठन की नींव रखी थी। 27 नवंबर 1978 को दिवंगत हुईं मौसी जी ने वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के भीषण दौर में अदम्य साहस दिखाते हुए 'लवपुर' (आज के लाहौर) से काफी संख्या में हिंदू महिलाओं को सुरक्षित अपने देश वापस लाया था। इस गरिमामयी जयंती समारोह के अवसर पर भागलपुर विभाग की प्रचारिका शशांकी कुमारी ने मुख्य बौद्धिक कर्ता के रूप में अपनी बात रखी, जबकि रिया कुमारी ने संघ प्रार्थना कराई। कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की स्वयंसेविका ममता कुमारी, सरिता देवी, दीवानी भारती, प्रिया कुमारी, आंचल कुमारी सहित भारी संख्या में संगठन की बहनें, कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन अंजना सिन्हा, सभी शिक्षिकाएं एवं छात्राएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। राष्ट्र सेविका समिति की प्रार्थना के साथ ही इस भव्य कार्यक्रम का समापन हुआ। समारोह के अंत में समिति से जुड़ी दीवानी भारती ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर अब अगले रविवार से प्रखंड मुख्यालय मैदान में महिलाओं व बालिकाओं के लिए प्रातः कालीन 'साप्ताहिक शाखा' की शुरुआत की जाएगी, जिसके लिए रविवार को ही रजौन की स्वयंसेविका को राष्ट्र सेविका समिति का आधिकारिक ध्वज भी प्रदान कर दिया गया है।

रिपोर्ट - केआर राव 

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