चम्पारण नीति/बेतिया(प.च.) विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में "महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा मुक्त समाज निर्माण " के लिये जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन.
30 जुलाई विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर "महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा मुक्त समाज का निर्माण" विषयक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लोहियारिया में किया गया.
स्वराज अध्ययन एवं प्रयोगात्मक संस्थान के सचिव खूबलाल द्वारा बतया गया की मानव तस्करी आज दुनिया की सबसे गंभीर सामाजिक और मानवाधिकार संबंधी समस्याओं में से एक है। इसमें महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों को धोखे, लालच, दबाव या जबरन शोषण का शिकार बनाया जाता है। उनसे शिक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान का अधिकार छीन लिया जाता है।
शंभुनाथ मिश्रा सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा केवल शारीरिक नहीं होती, बल्कि मानसिक, आर्थिक, भावनात्मक और यौन शोषण भी हिंसा के ही रूप हैं। जब तक समाज में भय, भेदभाव और असमानता बनी रहेगी, तब तक मानव तस्करी जैसी समस्याएँ भी समाप्त नहीं होंगी।
के विलियम ने कहा की हमें ऐसा समाज बनाना होगा जहाँ हर महिला और हर बालिका सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर महसूस करे। इसके लिए हमें शिक्षा को बढ़ावा देना होगा, कानूनों का कड़ाई से पालन करना होगा, लोगों में जागरूकता फैलानी होगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी होगी। परिवार, विद्यालय, समाज और सरकार—सभी की समान जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
अमृता पांडेय ने कहा सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण और मानव तस्करी के विरुद्ध आवाज़ उठाएँगे। चुप्पी नहीं, बल्कि जागरूकता और साहस ही इस अपराध को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
आइए, हम मिलकर एक ऐसे भारत और विश्व का निर्माण करें जहाँ हर महिला और हर बालिका भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन जी सके।
प्राचार्य अमित कुमार ने कहा की ल़डकियों को किसी भी प्रस्थिति की सामना करने के लिये स्वम को तैयार करना होगा था 1098 टोल फ्री नंबर को अपने जीवन का हिसा बना होगा
विद्यालय के शिक्षक सामजिक कार्यकर्ता जनप्रतिनिधियों छात्र छात्राओं के साथ दीपेन्द्र कुमार भी सामिल रहे ,
