बांका:सावन माह का आधा से अधिक समय बीत चुका हैं। तीसरी सोमवारी के बाद भी पूरे कांवरिया पथ पर कांवरिया का जन सैलाब उमड़ कर अपने लक्ष्य बाबाधाम की ओर भीषण गर्मी में भी आगे बढ़ रहे हैं इस भीड़ में तरह तरह के महिला,पुरुष,बच्चे,युवा एक दूसरे को सहयोग देते हुए विभिन्न तरह के कांवर के साथ आगे बढ़ रहे हैं।गंगाधाम से बाबाधाम तक पूरा कांवरिया पथ केशरियामय हो गया हैं।सारे रास्ते पर सरकारी व्यवस्था के साथ निजी स्वंय सेवी संस्था भी काफी बढचढ़ कर कांवरिया की सेवा में लगे हए हैं।वही कई बर्ष के बाद एक बार फिर कुछ सेवा शिविर कांवरिया की सेवा में सबसे आगे चल रहा हैं। इस शिविर में कुछ देर रुक कर सेवा पाने वाले कांवरिया रात को रुक कर पूरे आराम के साथ सुबह अपनी यात्रा आगे ले जाते हैं। इसी प्रकार दुम्मा सीमा तक कई दर्जन सेवा शिविर कार्यरत हैं जिसमे कांवरिया को मुफ्त भोजन,नास्ता, फल,चाय,शिकंजी,गर्म पानी पेयजल के साथ सोने और मालिस की व्यवस्था भी मिल रही हैं। इसमे ओम सेवा शिविर, बैजनाथ सेवा शिविर, भूतनाथ सेवा शिविर, सहित कई शिविर दिनरात सेवा का कार्य कर रहे हैं।जबकि सरकार द्वारा बनाए गए टेंट सिटी और दीदी की रसोई की भी कांवरिया काफी सराहना करते हैं।मधुबनी के सुरेश बम,राजू बम,दरभंगा के मधुप बम,समस्तीपुर के अर्जुन बम कहते हैं कि टेंट सिटी की संख्या बढ़ाने से कांवरिया को आराम की सुविधा मिली है जबकि नेपाल की सीता बम,मंजू बम,पटना की सरिता बम कहती है कि जीविका दीदी की रसोई सिर्फ 70 रु में अच्छा भोजन देती है जिससे कांवरिया आर्थिक दोहन के शिकार होने से बच जाता है।
सरकारी शिविर के साथ अन्य सेवा शिविर कर रहे हैं कांवरिया की सेवा।
byआमोद कुमार दुबे
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