बा़ंका:प्रखंड के पूर्व बीडीओ राकेश कुमार का शव उनके देवघर आवास से कुछ दूरी पर संदेहास्पद स्थिति में मिलने से लोग तरह तरह की चर्चा कर रहे हैं।राकेश कुमार का तीन कार्यकाल चार अगस्त 2014 से नौ सितम्बर 2014,दूसरा 15 जुलाई 2021 से 10 जनवरी 2023 औऱ 18 अप्रैल 2023 से 12 जुलाई 2024 तक चांदन प्रखंड में रहा हैं।वे चांदन सीमावर्ती देवघर के मोहनपुर गांव के निवासी होने के कारण इस प्रखंड से नजदीकी संपर्क रहा हैं। राकेश कुमार का कार्यकाल काफी अच्छा था। जहां काम के प्रति वे काफी सख्त थे। लेकिन बराबर उनके व्यवहार की आलोचना होती। उनके कई शादी की भी चर्चा थी।चांदन से जाने के बाद वे नगरानी विभाग द्वारा भी रिश्वत लेते पकड़े गये थे। उससे निपटने के बाद वे शुक्रवार को मुजफ्फरपुर में योगदान के लिए अपने आवास से निकले थे। और उनकी लाश मिली। जब वे अपने आवास से निकले थे उस वक्त उन्होंने जूता पहन रखा था । लेकिन जब उनकी लाश मिली तो उसके पैर में चप्पल थी। लाश के पास से उसका मोबाइल और अन्य सामान गायब पाया गया। उसकी पत्नी जुली प्रसाद जो देवघर शराफ स्कुल की प्रभारी प्राचार्य हैं। उसने आवास के बगल में रहने वाली एक अन्य शिक्षिका दीप्ति मालाकार सहित अन्य चार सहयोगी पर हत्या का आरोप हैं।राकेश कुमार के निधन पर प्रखंड प्रमुख रवीश कुमार,पूर्व मुखिया चन्द्र मोहन पांडेय, मुखिया अनिल कुमार,प्रमोद मंडल, सहित अन्य ने गहरा दुख व्यक्त किया हैं।
पूर्व बीडीओ राकेश कुमार की सन्देहास्पद स्थिति में मौत फाइल
byआमोद कुमार दुबे
-
0
