सुजालकोरामा के बाद अब मकरमडीह में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

​रजौन, बांका: प्रखंड के सुजालकोरामा गांव में सूखे नशे के खिलाफ ग्रामीणों द्वारा छेड़ी गई मुहिम का असर अब आसपास के गांवों में भी दिखने लगा है। राजावर पंचायत के सुजालकोरामा के बाद अब संझा-श्यामपुर पंचायत के मकरमडीह और जबायचक (चकजबाय) गांव के ग्रामीणों ने भी शराब और ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने के लिए बीते बुधवार की शाम मकरमडीह चौपाल पर संझा-श्यामपुर पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि सह मानवाधिकार सहायता संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आहूत की गई। बैठक में मकरमडीह व जबायचक के प्रबुद्ध ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दोनों गांवों में शराब और ब्राउन शुगर (बीएस) की खरीद-बिक्री व सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। ग्रामीणों ने सख्त निर्णय लेते हुए तय किया कि नशा बेचने वाले पर ₹10,000 और सेवन करने वाले पर ₹5,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसके साथ ही पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को सीधे पुलिस के हवाले कर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। बैठक में ग्रामीणों द्वारा पूर्व में नशे के कारोबार में संलिप्त रहे लोगों को चिन्हित कर एक सूची भी तैयार की गई है। ग्रामीणों के अनुसार शराब बेचने के आरोप में मकरमडीह निवासी मुन्ना पासवान, प्रमोद पासवान, गोपाल यादव, रमेश चंद्र यादव तथा जबायचक निवासी संटू यादव के नाम चिन्हित किए गए हैं। वहीं सूखे नशे यानी ब्राउन शुगर (बीएस) की बिक्री में मकरमडीह के नितेश यादव, मनखुश मंडल तथा जबायचक के निरंजन यादव व अमित मंडल के नाम शामिल हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन चिन्हित लोगों ने यह अवैध धंधा तुरंत बंद नहीं किया, तो सामाजिक बहिष्कार के साथ-साथ पुलिस के जरिए कड़ी कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं इस बैठक में लखन लाल साह, नंदकिशोर यादव, भागवत मंडल, किसन यादव, भागीरथ साह, बिहारी पासवान, बलराम पासवान, धर्मेंद्र पासवान, सुदामा यादव, अभिषेक यादव समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।

रिपोर्ट : केआर राव

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