राष्ट्रीय एकता का सूत्र है ' हिन्दी' : डा.हर्षा

चम्पारण नीति/मझौलिया(प.च.) आज कृषि विज्ञान केन्द्र माधोपुर के सभाकक्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हिन्दी दिवस।
 हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर दिया गया जोर । कृषि विज्ञान केन्द्र, माधोपुर में सोमवार को हिन्दी दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने की।  कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर केन्द्र के वैज्ञानिकों ने हिन्दी भाषा के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।  कृषि अभियंत्रण के वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रामलू ने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा ही नहीं, बल्कि जन-जन की भाषा है। हमें वैज्ञानिक लेखों, कार्यालयीन कार्यों और किसान उपयोगी साहित्य में हिन्दी को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि किसानों तक तकनीक आसानी से पहुंच सके।  फसल उत्पादन के वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी.आर. ने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिवर्ष 14 सितम्बर को पूरे देश में हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दैनिक जीवन, शिक्षा और कार्यालयीन क्रियाकलापों में हिन्दी भाषा का अधिक से अधिक प्रयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि हिन्दी ही देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया है।  केन्द्र के प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी कर्मचारियों, प्रशिक्षणार्थियों एवं उपस्थित किसानों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता की प्रतीक है। हमें अपने दैनिक कार्यों, पत्राचार एवं शोध कार्यों में हिन्दी का प्रयोग कर अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए।  कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कर्मियों ने अपने दैनिक कार्यों में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करने का संकल्प लिया।  इस अवसर पर केन्द्र के विनीत कुमार, कमलेश कुमार, मनोज कुमार, बैजू कुमार, शंभू कुमार सहित अन्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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