रजौन ,बांका :- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश तथा बांका जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश के आलोक में डीआरडीए निदेशक श्रीनिवास ने बुधवार (30 सितंबर) को रजौन प्रखंड के धौनी स्थित राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का सघन निरीक्षण किया। गौरतलब है कि इसी विद्यालय को आधुनिक स्वरूप देते हुए प्रखंड का इकलौता मॉडल विद्यालय 'सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय धौनी)' बनाया गया है। निरीक्षण के मद्देनजर बुधवार को विद्यालय में केवल शैक्षणिक कार्य संपादित किए गए और सभी कार्यालयी कार्यों को स्थगित रखा गया था। सभी छात्र-छात्राएं अनिवार्य रूप से पूर्ण विद्यालय परिधान (ड्रेस), जूते, बैग, टिफिन और पानी की बोतल के साथ उपस्थित रहे। इस दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) सोयम चक्रपाणि कनिष्क, प्रभारी प्रधानाचार्य राकेश रंजन सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान डीआरडीए निदेशक ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से उनके शैक्षणिक स्तर की परख की। इस दौरान भूगोल विषय से जुड़े सामान्य सवालों का विद्यार्थियों द्वारा सही उत्तर न मिलने पर उन्होंने चिंता जताई। इसके साथ ही प्रयोगशाला, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, रेमेडियल क्लास, ऑनलाइन क्लास तथा कंप्यूटर लैब की कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया गया। विद्यार्थियों ने अधिकारियों के समक्ष साप्ताहिक टेस्ट, क्लास लॉग बुक और प्रयोगशाला लॉग बुक की विस्तृत विशेषताएं भी साझा कीं। इसके साथ ही विद्यालय में विशेष अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी भी आयोजित हुई, जिसमें माता-पिता की उपस्थिति में विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की प्रगति पर चर्चा की गई। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) द्वारा विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से मॉडल स्कूल बनने से आए सकारात्मक बदलावों पर वीडियो रिकॉर्डिंग की गई, जिसे जिलाधिकारी द्वारा सरकार के अवलोकनार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बातचीत में डीआरडीए निदेशक श्रीनिवास ने कहा कि जिले भर में कुल 14 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) स्थापित किए गए हैं, जिनमें रजौन का राष्ट्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धौनी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश के आलोक में जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा इन सभी 14 विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और बच्चों के फीडबैक का निरंतर आकलन किया जा रहा है। प्रत्येक प्रखंड के मॉडल विद्यालय की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक जिला स्तरीय पदाधिकारी को दायित्व सौंपा गया है, ताकि यह विद्यालय पूरे प्रखंड के लिए एक उत्कृष्ट 'आदर्श विद्यालय' के रूप में स्थापित हो सके। निदेशक ने इसे पायलट प्रोजेक्ट बताते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों को सभी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मुहैया कराना प्रशासन का संकल्प है। निरीक्षण के दौरान बच्चों द्वारा कुछ विषयों के शिक्षकों की कमी की बात सामने रखे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वे तत्काल जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के संज्ञान में लाएंगे, ताकि इस मॉडल विद्यालय में रिक्त विषयों पर योग्य शिक्षकों की शीघ्र पदस्थापना कराई जा सके।
रिपोर्ट:-केआर राव