अभाविप का पीबीएस कॉलेज बांका में उग्र प्रदर्शन, प्रशासन की लापरवाही से 650 छात्रों का भविष्य दांव पर

​बांका :- तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और पीबीएस कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही के खिलाफ बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कॉलेज परिसर में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। अभाविप के कॉलेज अध्यक्ष वंश मिश्रा और पूर्व जिला संयोजक शिवम सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत स्नातक सत्र 2023-27, 2024-28 और 2025-29 के करीब 650 विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि एनईपी की गाइडलाइन के अनुसार छात्रों को 'सब्जेक्ट बास्केट' के आधार पर एमआईसी और एमडीसी विषयों का चयन करना था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने नामांकन के वक्त नियमों की अनदेखी करते हुए छात्रों को गलत विषय आवंटित कर दिए। विद्यार्थियों ने उन्हीं विषयों की पढ़ाई की, विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा दी और सफलता भी हासिल कर ली। अब अपनी इस बड़ी प्रशासनिक भूल को दबाने के लिए प्रशासन छात्रों पर दोबारा विषय बदलने, फिर से फॉर्म भरने और पुनः परीक्षा देने का अनुचित दबाव बना रहा है। इस फरमान से आक्रोशित छात्रों का साफ कहना है कि जब गलती कॉलेज और यूनिवर्सिटी की है, तो वे अपने समय, परीक्षा शुल्क और मानसिक शांति की बलि क्यों चढ़ाएं। कॉलेज अध्यक्ष वंश मिश्रा ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा पास कर चुके छात्रों पर दोबारा री-एग्जाम केआर और फीस का बोझ डालना पूरी तरह तानाशाही है, प्रशासन बिना किसी अतिरिक्त शुल्क और बिना दोबारा परीक्षा लिए इसका आंतरिक सुधार करे वरना उग्र आंदोलन होगा। वहीं पूर्व जिला संयोजक शिवम सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी और कॉलेज की लचर कार्यशैली का खामियाजा निर्दोष छात्र भुगत रहे हैं, अगर यह फैसला तुरंत वापस नहीं हुआ तो विद्यार्थी परिषद कॉलेज और विश्वविद्यालय में तालाबंदी करने को बाध्य होगी। इस विरोध-प्रदर्शन में छात्र नेता मिथुन कुमार, रोशन कुमार, बेबी कुमारी, पूजा कुमारी, नंदनी कुमारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पीड़ित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में अविलंब छात्रहित में न्यायसंगत फैसला लेने की मांग की।

रिपोर्ट:- के आर राव 

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