बगहा। वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने बगहा में “लोकतंत्र बचाओ मार्च—वोट चोरों को जाना होगा” के नारे के साथ प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में गठबंधन के कार्यकर्ता स्टेशन चौक से मार्च निकालते हुए अंबेडकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचे, जहां मार्च सभा में तब्दील हो गया। सभा को इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संबोधित किया।
सभा में नेताओं ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से गरीबों और आम मतदाताओं के नाम हटाए जाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि यदि गरीब और आम जनता का नाम ही मतदाता सूची में नहीं रहेगा, तो सरकार केवल अमीरों और कॉरपोरेट घरानों के हित में काम करेगी। नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में आम जनता की सबसे बड़ी लड़ाई अपने वोट और लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने की है, जिसके लिए सभी लोगों को एकजुट होना होगा।
वक्ताओं ने एसआईआर (SIR) को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी, एसआईआर के बाद हुए बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने, एसआईआर के दौरान हटाए गए सही नामों को मतदाता सूची में पुनः जोड़ने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण देने के लिए वर्ष 2023 में बनाए गए कानून को रद्द करने की मांग उठाई।
नेताओं ने चुनाव आयोग के गठन से संबंधित समिति में केंद्रीय गृह मंत्री जैसे राजनीतिक पदाधिकारियों के स्थान पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग भी की। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और चुनाव से जुड़े आरोपों की जांच से बचाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
मार्च और सभा में सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, कांग्रेस नेता जयेश मंगल सिंह, कांग्रेस बगहा जिला अध्यक्ष नरेश राम, राजद नेता आलमगीर रब्बानी, अर्थराज यादव, जावेद अख्तर, सुरेंद्र यादव, छेदी साहनी, बृज किशोर चौहान, तुफैल अहमद, रामशंकर दूबे, परशुराम यादव, लाल बाबू सोनी, जोहरा खातून, फरहान राजा, भिखारी प्रसाद, प्रदीप कुमार, सुमित्रा देवी, ताजुद्दीन मंसूरी, नंदकिशोर महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।