नहाय-खाय के साथ तीन दिवसीय जितिया व्रत शुरू, व्रती महिलाएं आज रखेंगी निर्जला उपवास

​रजौन,बांका :- संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना का तीन दिवसीय महापर्व जितिया (जीवित्पुत्रिका) शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ भक्तिभाव से प्रारंभ हो गया। इस पावन अवसर पर व्रती महिलाओं ने अहले सुबह से दोपहर तक निकटवर्ती चांदन, कतरिया, राजडांड़ और कोल्हनी नदी सहित विभिन्न ग्रामीण जलाशयों में स्नान-ध्यान किया। इसके बाद घर लौटकर पूजा-अर्चना संपन्न की और पारंपरिक सब्जियों व शुद्ध व्यंजनों से युक्त सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का संकल्प लिया। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी से नवमी तक चलने वाले इस व्रत के मुख्य नियम के तहत शनिवार (3 अक्टूबर) को व्रती महिलाएं 24 घंटे का कठोर निर्जला उपवास रखेंगी। इस दौरान अष्टमी तिथि के प्रदोष काल में कुशा से निर्मित भगवान जीमूतवाहन की प्रतिमा स्थापित कर फल, फूल, अक्षत और धूप-दीप से उनकी विधिवत पूजा की जाएगी तथा व्रत कथा सुनी जाएगी। इसके उपरांत रविवार (4 अक्टूबर) की सुबह पारण के साथ इस महापर्व का समापन होगा। उधर जितिया पर्व को लेकर फल, पूजन सामग्री और पारंपरिक खाजा की खरीदारी के लिए रजौन, पुनसिया, नवादा, बामदेव, कोतवाली, धौनी और राजावर के हाट-बाजारों में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। बाजार में बांस का डलिया 40 से 50 रुपये पीस, सेब 120 से 150 रुपये, खीरा 120 रुपये, अनार 200 रुपये, नारियल 40 रुपये प्रति पीस, केला 40 से 50 रुपये प्रति दर्जन, अमरूद 120 रुपये, नारंगी 150 से 200 रुपये, खाजा 150 से 220 रुपये और खज्जी 150 रुपये प्रति किलो के भाव से बिकी; लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था भारी दिखी और लोगों ने उत्साहपूर्वक खरीदारी की। अत्यधिक भीड़ और वाहनों के दबाव के चलते भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर रजौन और पुनसिया में भीषण जाम की स्थिति बनी रही, जिससे वाहन दिनभर रेंगते नजर आए।

रिपोर्ट:-केआर राव 

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