DIG मानवाधिकार द्वारा जारी आदेश वापस लेने का क्या है खेल 5 अगस्त 2020 को DIG, मानवाधिकार ने बिहार के सभी पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर वैसे सभी न्…
बाँका: चांदन प्रखंड मुख्यालय के चांदन पंचायत के पूर्व सरपंच सुशीला देवी 75 वर्ष चांदन बाजार निवासी का रविवार रात करीब 10 बजे अचानक हृदय गति रुक जा…
बांका जिला के चांदन प्रखंड मुख्यालय के चांदन-देवघर पक्की सड़क किनारे स्थित पांडेडीह गांव की बुजुर्ग महिला रमा श्री ने जिलाधिकारी औऱ बीडीओ को अलग अलग…
संविदा स्वास्थ्य कर्मी की हड़ताल जारी कटोरिया से अरविंद प्रसाद सिंह का रिपोर्ट बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ के आह्वान पर अपने 17 सूत्री म…
बांका (रजौन) जिले के रजौन थानांतर्गत डरपा गांव में परिवारिक कलह की वजह से अजय मिश्रा का 16 वर्षीय पुत्र अंकित मिश्रा ने खुदकशी कर ली है। बताया जा…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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