*नक्षत्रयोगशशिसूर्यनित्यम्,* *तिथिवारलग्नं दिवसं नमामि।* *आचार्यराधाकांतकृतं वै* *करोतुपंचांगमिदं सुप्रभातम्।।* 🌺🌺🌺🌺🌺 नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण…
दिव्यांशु राठौर की रिपोर्ट शंभुगंज ( बांका ) : थाना क्षेत्र में शराब तस्करी का खेल थम नहीं रहा है इस क्रम में शुक्रवार की शाम क्षेत्र के बेलसीरा ग…
मोतिहारी। 28 जनवरी,2022 (शुक्रवार) संस्कार भारती, बिहार प्रदेश द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में 29 जनवरी, 2022 (शनिवार) को सांय 5:30 से &qu…
रजौन, बांका : राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार पटना के निर्देशानुसार ज…
रजौन, बांका : वेतन विसंगति मामले को लेकर स्थानीय डीएन सिंह महाविद्यालय परिसर में शुक्रवार को चौथे दिन भी शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी धरना…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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