37 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है ,किसी प्राध्यापक को कुलपति होने मिला सम्मान


       ( प्रो.ललित प्रकाश पटेरिया ,फाईल फोटो )

छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय राजनेता शहीद नंदकुमार पटेल के नाम से रायगढ़ में स्थापित शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति प्रो.ललित प्रकाश पटेरिया नियुक्त किए गए हैं। यह प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय की स्थापना के 37 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है कि यहां के किसी प्राध्यापक को कुलपति होने का सम्मान मिला है। इसलिए इस नियुक्ति से गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों का सम्मान बढ़ा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार की दूरदर्शिता और बिलासपुर नगर के जनप्रतिनिधियों की जागरूकता की सराहना मुक्त कंठ से की जाना चाहिए। प्रबंधन विषय के जानकार, कुशल प्रशासनिक क्षमता और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी प्रो.पटेरिया की नियुक्ति से उनके जानने वालों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के लोगों में यह हर्ष देखा जा सकता है। सरकार के इस फैसले से नवनियुक्त विश्वविद्यालय की बुनियाद अच्छे और कुशल हाथों में आई है। प्रो.पटेरिया उन तेरह चुनिंदा और महत्वपूर्ण शिक्षकों में से आते हैं जिन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़े होने का गौरव प्राप्त है। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय की स्थापना अविभाजित मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री और देश के सर्वाधिक प्रभावशाली राजनेता अर्जुन सिंह ने बिलासपुर के नागरिकों की मांग पर की थी। महान संत बाबा घासीदास के नाम से स्थापित यह विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के आरंभिक दिनों के इन तेरह शिक्षकों के परिश्रम और विद्वान कुलपतियों श्री शरदचंद्र बेहार (आई.ए.एस.), डा.डी.एन.तिवारी (आई.एफ.एस.), प्रो. राजललन सिंह, प्रो.आर.के.सिंह, प्रो.गिरिजेश पंत, प्रो.जे.एल.गुप्ता, प्रो.आर.एस.दूबे के कुशल मार्गदर्शन में विशाल वटवृक्ष का आकार लेता रहा। तदंतर अनेक शिक्षकों, अधिकारियों और स्टाफ में भी वृद्धि होती रही। शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय जनता के प्रयत्नों से वर्ष 2009 में इस विश्वविद्यालय को केन्द्रीय होने का दर्जा मिल गया। यह संयोग देखिए कि केन्द्र में तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री अर्जुन सिंह ने ही गुरु घासीदास विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय के रुप में अपग्रेड किया। अतः इस पृष्ठभूमि से जुड़े प्रो.पटेरिया की नियुक्ति स्वाभाविक तौर पर स्वागत योग्य है। विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ यदि उसका नेतृत्व मजबूत कंधों को मिलता है तो यह सभी के लिए गर्व और प्रसन्नता की बात होती है। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में प्रो.पटेरिया ने कठिन परिश्रम किया है। विधि स्नातक होने के कारण कानून के भी अच्छे ज्ञाता हैं। विश्वविद्यालय के अधिनियमों की खासी समझ है। परीक्षाओं का संचालन लंबे समय तक वरिष्ठ शिक्षक के रुप में करते रहे हैं। आपके अनेक शोधार्थी अकादमिक और इंडस्ट्री में उच्च पदों पर आसीन हैं। अतः इस विशाल अनुभव का लाभ नक्सली हमले में शहीद होने वाले हम सबके दुलारे नेता नंदकुमार पटेल के नाम पर स्थापित नवनियुक्त विश्वविद्यालय को सही तौर पर मिलेगा। शुभकामनाएं...।


डा.शाहिद अली
शिक्षाविद्,लेखक,वरिष्ठ पत्रकार

Post a Comment

आप सभी हमें अपना कॉमेंट / संदेश भेज सकते हैं...

Previous Post Next Post