होली के समय ऐसा देखा जाता है कि अधिकांश अश्लील गाना फिल्म निर्माता कंपनियों के द्वारा पैसा कमाने के उद्देश्य रिलीज किया जाता है । जिसका समाज में तथा भोजपुरी बोलने और सुनने वाले के ऊपर नकारात्मक असर होता है । होली के अवसर पर जानबूझकर और पैसा कमाने के उद्देश्य असली गाना फैलाकर भोजपुरी भाषा/समाज को नकारात्मक रूप से पेश करने की कोशिश की जा रही है । कहीं-कहीं यह भोजपुरी को इतना बदनाम कर दिए हैं कि लोग भोजपुरी बोलने और सुनने से भी कतरा ने लगे हैं ।भोजपुरी भाषा का इस प्रकार दोहन दिन - रात हो रहा है । भोजपुरी समाज और भोजपुरी भाषा के लिए कहीं से भी ठीक नहीं है । मोदी जी ! भोजपुरी भाषा को बचा लीजिए । भोजपुरी भाषा गांव की भाषा है ।
(-आदित्य कुमार दुबे)
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