बांका (चांदन): सरकार की ओर से हरियाली योजना को बढ़ावा देने के लिए लगातार बैठक कर जगह-जगह पेड़ लगाने का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन चांदन प्रखंड के वन कर्मियों की उदासीनता के कारण हर साल महुआ के दिनों में लाखों पेड़ आग की भेंट चढ़ जाता है। इसकी शुरुआत इस वर्ष भी हो चुकी है। शुक्रवार देर शाम को प्रखंड के कटोरिया- चांदन पक्की सड़क के किनारे इनारावरण से लेकर तुर्की तक जंगलों में कई जगह- आग लगा दिया गया है। जिससे वह आग धीरे-धीरे अपना रूप विकराल करती जा रही है। जिस कारण शनिवार सुबह तक ,गौरीपुर, इनारावरण,जुगड़ी,सहित अन्य वन क्षेत्र में हाल में लगाए गए पेड़ जलकर बर्बाद हो रहे हैं। साथ ही साथ पुराने पेड़ भी इस आग से पूरी तरह जल रहे हैं। बताया जाता है कि महुआ के दिनों में हर साल सूखे पत्ते को जलाने के लिए महुआ तस्कर द्वारा आग लगा दिया जाता है। इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को रहती है ।लेकिन आज तक कभी भी कोई समुचित कार्यवाही नहीं होने से इसमें कमी नहीं हो रही है। शुक्रवार से शनिवार तक पक्की सड़क के किनारे इनारावरण से तुर्की मोड़ तक कई जगह बड़ी संख्या में पेड़ों के जलने की जानकारी मिली। जहां किसी शरारती तत्वों द्वारा आग लगा दिया गया था। 100 एकड़ जमीन पर लगे छोटे छोटे पेड़ जलकर पूरी तरह बर्बाद हो गए।
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