बांका (रजौन) :मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का जन्मदिन के नाम पर रामनवमी उत्सव सदियों से मनाने की परंपरा चलते चली आ रही है।रामनवमी के दिन प्रत्येक हिंदू परिवार अपने घर आंगन के सामने राम भक्त हनुमान जी का महावीर स्थान पर कच्चा बांस में सावय की डोर में आम का पल्लव पीयोर कर बांस के अंतिम छोड़ पर बजरंगबली महावीर पताका आन बान शान के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा अर्चना के उपरांत रामनवमी उत्सव मानते है।इस बार रामनवमी 21 अप्रैल को है। रामनवमी को लेकर प्रखंड के खास तौर पर रजौन, पुनसिया,नवादा,बामदेव,खिडडी हाट,राजावर मोड़,कटियामा, सिंहनान,कोतवाली,लकड़ा,राजावर बस्ती,नीमा,बलथारा,सकहारा,परघड़ी,करसानी,कठौन,उपरामा,खैरा,विष्णुपुर,बाबरचक,दुर्गा पुर सहित सुदूर ग्रामीण इलाके अन्य छोटे-बड़े हाट बाजारों में रंग बिरंगें महावीरी बजरंगबली ध्वजा पताका 20 रुपये से लेकर 150 -दो सौ रुपये पीस के हिसाब से बिक्री दुकानदार एवं दर्जी कर रहे हैं।रामनवमी को लेकर हिंदू लोग कच्चा बांस,बजरंगबली ध्वज पताका,पूजन सामग्री एवं पूजा कराने वाले पंडितों की खोज के जुगाड़ में जुट गए हैं।रामनवमी का उत्सव विशेष रूप से प्रखंड के सोहली,परघड़ी गांव में विशेष रूप से मनाया जाता है।इस अवसर पर दर्जनों गांवों में अखंड हरिनाम संकीर्तन का भी आयोजन किया जाता है।इस बार कोविड-19 गाइडलाइन के अनुरूप सादे उत्सवी माहौल में मनाया जाएगा।
रिपोर्ट :कुमुद रंजन राव